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Sweet Option For Sugar Patients: डायबिटीज के मरीजों के लिए एक अच्छी खबर है और जो लोग शुगर बढ़ने के डर से मीठा खाना छोड़ चुके हैं, उनके लिए भी एक बड़ी खुशखबरी है. दरअसल, अब आप जी भरकर मीठा खा सकते हैं. चाय भी पी सकते हैं और हलवा भी खा सकते हैं, क्योंकि हमारे देश में चीनी का विकल्प आ चुका है. यह काम तो चीनी की ही तरह करेगा, यानी स्वाद आपको पूरा मीठा देगा, लेकिन यह चीनी नहीं होगा और न ही आपकी सेहत को नुकसान पहुंचाएगा.
ऐसा इसलिए क्योंकि इसे स्टीविया के पत्तों से बनाया गया है, जो सेहत के लिए फायदेमंद है. इसे बीकानेरवाला ब्रांड ने तैयार किया है. वहां मौजूद वैज्ञानिक, जो 20 साल से इसे तैयार करने पर काम कर रहे थे, वे दिल्ली आए हुए थे. उनका नाम बलजीत सिंह है. लोकल18 ने उनसे खास बातचीत की.
बीकानेरवाला के वरिष्ठ वैज्ञानिक बलजीत सिंह ने बताया कि इसे बनाने का मकसद यही था कि चीनी लोगों की सेहत को काफी नुकसान पहुंचा रही है, जिस वजह से शुगर बढ़ने के डर से लोग मीठा खाना छोड़ते जा रहे हैं. डायबिटीज के मरीज तो मीठा खाने के लिए तरस जाते हैं. इसलिए यह विकल्प खोजा गया और हम लोग खुद ही स्टीविया की खेती करते हैं. उसके पत्तों से इसे बनाते हैं.
यह चीनी से ज्यादा मीठा होता है, लेकिन नुकसानदायक नहीं होता. सिर्फ पांच प्रतिशत इसका इस्तेमाल करके मिठाई, हलवा, कॉफी, चाय, बेकरी का सामान या दूध में डालकर पी सकते हैं. इसे शुगर फ्री कहना गलत नहीं होगा. 20 साल की कड़ी मेहनत के बाद इस प्रोडक्ट को तैयार किया गया है. इससे हम लोग करीब 18 तरह की मिठाइयां बना रहे हैं.
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स्टीविया एक प्राकृतिक, शून्य कैलोरी वाला मीठा पौधा है, जिसे हिंदी में ‘मीठी तुलसी’ या ‘मधु पत्ती’ भी कहते हैं. इसकी पत्तियां चीनी से 25–30 गुना अधिक मीठी होती हैं, जिनमें स्टीवियोल ग्लाइकोसाइड पाया जाता है. यह मधुमेह रोगियों के लिए चीनी का एक सुरक्षित विकल्प है और इसे घर में गमले में आसानी से उगाया जा सकता है.
इसमें लगभग कैलोरी नहीं होती और यह ब्लड शुगर लेवल नहीं बढ़ाता है. यह डायबिटीज के मरीजों के लिए सुरक्षित है और वजन बढ़ने नहीं देता. दांतों के लिए भी यह बेहतर माना जाता है.