मनरेगा भ्रष्टाचार, सड़क अतिक्रमण पर ग्रामीणों का विरोध: खंड स्तरीय जनसुनवाई ग्रामीणों ने बताई समस्याएं, कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश – Niwari News


निवाड़ी जिले की पृथ्वीपुर तहसील में आयोजित खंड स्तरीय जनसुनवाई के दौरान कई गंभीर शिकायतें सामने आईं। इनमें मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार, सड़क पर अतिक्रमण और राष्ट्रीय राजमार्ग 539 के भूमि अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों का विरोध शामिल था। कलेक्टर जमुना भिड़े ने सभी मामलों की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों को तत्काल जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यह जनसुनवाई पृथ्वीपुर में कलेक्टर जमुना भिड़े की अध्यक्षता में हुई। इसमें मुख्य रूप से तीन बड़े मुद्दे उठाए गए। पहला, ग्राम अतर्रा में मनरेगा योजना में कथित भ्रष्टाचार का आरोप। दूसरा, जैतवारा-अतर्रा मार्ग पर अतिक्रमण हटाकर सड़क बनाने की मांग। तीसरा, ग्राम गतारा में राष्ट्रीय राजमार्ग 539 (ओरछा-टीकमगढ़) के भूमि अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों का विरोध। ग्राम पंचायत अतर्रा से आए मनरेगा हितग्राही धर्मू अहिरवार, प्रमोद पाल, धनीराम अहिरवार और पूजा यशपाल यादव ने मनरेगा योजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने प्रशासन को बताया कि ग्राम पंचायत में हितग्राही मूलक कार्यों के नाम पर केवल कागजों में काम दिखाकर सरकारी राशि का गबन किया गया है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी बताया कि उन्होंने 10 नवंबर 2025 को भी इस मामले में आवेदन देकर जांच की मांग की थी, लेकिन जनपद पंचायत में पदस्थ एपीओ किशोरीलाल वर्मा द्वारा कोई जांच नहीं कराई गई। ग्रामीणों का आरोप है कि एपीओ किशोरीलाल वर्मा रोजगार सहायक के साथ मिलकर कई ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं और सरकारी धन का दुरुपयोग कर रहे हैं। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि ग्राम पंचायत अतर्रा में मनरेगा के तहत हुए कार्यों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, एपीओ किशोरीलाल वर्मा की भूमिका की भी विस्तृत जांच कराई जाए। जैतवारा से अतर्रा मार्ग को जोड़ने के लिए पक्की सड़क स्वीकृत जनसुनवाई में दूसरा मामला निवाड़ी विधानसभा क्षेत्र से सामने आया। यहां जैतवारा से अतर्रा मार्ग को जोड़ने के लिए पक्की सड़क स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन ग्रामीणों द्वारा सड़क मार्ग पर अतिक्रमण किए जाने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन को बताया कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार अतिक्रमण हटाकर सड़क निर्माण किया जाना चाहिए, ताकि क्षेत्र के लोगों को आवागमन में सुविधा मिल सके। इसके अलावा शिकायत में यह भी बताया गया कि ग्राम अतर्रा में सरपंच द्वारा नाली निर्माण नहीं कराया गया, जिसके कारण बारिश और घरेलू पानी की निकासी नहीं हो पा रही है और गांव में जलभराव की समस्या बनी रहती है। ग्रामीणों ने आवेदन देकर गांव में नाली निर्माण कराने की मांग भी प्रशासन से की है।
राष्ट्रीय राजमार्ग 539 के चौड़ीकरण का मामला जनसुनवाई में तीसरा महत्वपूर्ण मामला राष्ट्रीय राजमार्ग 539 के चौड़ीकरण को लेकर सामने आया। दरअसल ओरछा-टीकमगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग 539 के लिए भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी होने के बाद ग्राम गतारा के ग्रामीणों में असंतोष फैल गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस जमीन को अधिग्रहण के लिए चिन्हित किया गया है, वहां कई वर्षों से उनके पट्टे और मकान बने हुए हैं। ऐसे में यदि यह जमीन ली जाती है तो कई परिवारों के घर टूट जाएंगे और लोग बेघर हो जाएंगे। बताया गया कि 19 फरवरी 2026 को जारी अधिसूचना में ग्राम गतारा के खसरा नंबर 3/1/1 की 0.057 हेक्टेयर जमीन को अधिग्रहण के लिए चिन्हित किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार यह जमीन आबादी गांवठान मद की भूमि है, जिसका कुल रकबा 0.709 हेक्टेयर है। इस जमीन पर गांव के कई परिवारों के 50 बाय 30 वर्गफीट के पट्टे हैं और इन पर वर्षों से मकान और आंगन बने हुए हैं। इसी को लेकर ग्राम गतारा के पट्टाधारक ग्रामीणों ने गांजिदास कुशवाहा के नेतृत्व में प्रशासन के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने जनसुनवाई के माध्यम से अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पृथ्वीपुर को आवेदन सौंपते हुए मांग की है कि इस जमीन को अधिग्रहण से बाहर रखा जाए। ये रहे मौजूद इस दौरान पृथ्वीपुर में आयोजित जनसुनवाई में एसडीएम अशोक कुमार सेन, तहसीलदार शुभम मिश्रा, नायब तहसीलदार दिनेश चंदेल और सीएमओ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। वहीं निवाड़ी कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में डिप्टी कलेक्टर विनीता जैन और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर जमुना भिड़े ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मामलों की जांच कर शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। .

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