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Jabalpur News: जबलपुर में करीब डेढ़ लाख लोगों की प्यास बुझाने वाली मेन पाइपलाइन ने डराना शुरू कर दिया है. वजह पाइपलाइन एक नाले से गुजरी है. नाले में जहां से गुजरी हैं, वहां बुलबुले उठ रहे हैं. मतलब पाइपलाइन में लीकेज है. शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से लोगों को इंदौर जैसे कांड का खतरा सता रहा है.
Jabalpur News: जबलपुर के परियट डैम से करीब डेढ़ लाख लोगों की प्यास बुझाने वाली मेन पाइपलाइन ने अब लोगों को डराना शुरू कर दिया है. वजह इतनी है कि जिस राइजिंग पाइपलाइन से परियट डैम से रांझी जल शोधन से पानी की सप्लाई होती है, अब वही मेन पाइपलाइन नालों से गुजर रही है. डराने वाली बात ये कि पाइपलाइन में लीकेज है. लीकेज वाली जगह पर पाइपलाइन से बुलबुले उठते तक नजर आ रहे हैं. इसके चलते अब लोगों को डर लगने लगा है.
दरअसल, इंदौर में हुई घटना के बाद पानी सप्लाई को लेकर पूरे प्रदेश में लोग सहमे और अलर्ट हैं. अब जबलपुर के रांझी निवासियों को भी डर लग रहा है. उनका कहना है कि यही मेन पाइपलाइन खमरिया से होते हुए जलशोधन पहुंचती है. रांझी शुरू होते ही नगर निगम के जोन कार्यालय के पास नाले से ही पाइपलाइन गुजरती है. जहां गंदगी का अंबार भी है. हैरान करने वाली बात ये कि पाइपलाइन भी लीकेज है. इससे पानी का सप्लाई पूरे रांझी क्षेत्र में हो रही है. जानें इस घटना पर स्थानीय लोगों ने क्या है.
राज्यसभा सांसद, कैंट विधायक का क्षेत्र
स्थानीय नागरिक राजकुमार राणे ने बताया, चुंगी चौकी के नजदीक नाला गुजरता है. उस नाले के नजदीक पाइपलाइन लीकेज है. यह पाइपलाइन मुख्य पाइपलाइन है, जिसका पानी सीधे परियट से रांझी जलशोधन पहुंचता है. फिर रांझी के हजारों घरों में पहुंचता है. एक तरफ पाइपलाइन नाले से गुजर रही है और दूसरी तरफ उसमें लीकेज भी दिखाई दे रहा है. यदि इस पाइपलाइन को जल्द नहीं सुधारा गया तो जबलपुर में इंदौर जैसी स्थिति बन सकती है. उन्होंने बताया हैरानी की बात है, सत्ता दल के सारे नेता और सरकार भी भाजपा के हैं. बावजूद इसके कोई भी सुधार कार्य नहीं हो रहा है. राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीकि से लेकर कैंट विधायक अशोक रोहाणी और एमआईसी मेंबर जल प्रभारी दामोदर सोनी भी इसी क्षेत्र से आते हैं.
अफसरों को क्यों नहीं नजर आता लीकेज?
स्थानीय निवासी आशु वत्स ने बताया, नगर निगम का कार्यालय नजदीक में है. विडंबना है कि अधिकारियों को भी पाइपलाइन का लीकेज नहीं दिखाई दे रहा है. नगर निगम सिर्फ आम नागरिक से टैक्स लेता है, लेकिन सुविधा नहीं दे रहा है. स्वच्छ पानी पीने का अधिकार सभी को है. यदि किसी प्रकार की अनहोनी होती है, तब आखिर इसकी जिम्मेदारी नगर निगम की होगी और फिर इसके बाद एक्शन मोड में नगर निगम आएगा. लेकिन, जब सामने ही मेन पाइपलाइन लीकेज दिख रहा है्र तब इस पर सुधार कार्य क्यों नहीं किया जा रहा है? अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की यह नजरअंदाज करने की लापरवाही लाखों लोगों पर भारी पड़ सकती है.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
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