भारत बना वर्ल्ड चैंपियन तो पाकिस्तानी क्रिकेटर का फूटा गुस्सा, कहा- ‘केन्या-युगांडा सबको हराया


भारत की टी20 वर्ल्ड कप 2026 में शानदार जीत के बाद पाकिस्तान के क्रिकेट जगत में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. टीम इंडिया ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड को बड़ी आसानी से हराकर तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया है. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 255 रन बोर्ड पर लगा दिए थे. इसके बाद लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम को भारतीय गेंदबाजों ने 159 रन पर समेट दिया.

इस जीत के बाद पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर अहमद शहजाद ने अपनी ही टीम के सिस्टम पर सवाल उठाते हुए तीखी आलोचना की है. उन्होंने कहा कि भारत की सफलता के पीछे सिर्फ प्रतिभा ही नहीं, बल्कि एक मजबूत क्रिकेट प्रणाली भी है, जबकि पाकिस्तान में सबसे बड़ी कमी इसी सिस्टम की है.

भारत के सिस्टम की शहजाद ने की तारीफ

एक पाकिस्तानी टीवी शो में बातचीत के दौरान अहमद शहजाद ने कहा कि भारत में लगातार नए खिलाड़ी सामने आ रहे हैं क्योंकि वहां घरेलू क्रिकेट और चयन प्रक्रिया मजबूत है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि संजू सैमसन और ईशान किशन जैसे खिलाड़ियों को ज्यादा मौके नहीं मिले थे, लेकिन जब मौका मिला तो उन्होंने वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर मैच जिताऊ प्रदर्शन किया है.

शहजाद ने कहा कि संजू सैमसन पूरे टूर्नामेंट में शानदार बल्लेबाजी करते हुए प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने. वहीं ईशान किशन भी घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन के दम पर टीम में आए और महत्वपूर्ण योगदान दिया. उन्होंने फाइनल में अभिषेक शर्मा की तेज पारी का भी जिक्र किया और कहा कि बड़े मैच में दबाव के बावजूद उन्होंने 21 गेंदों में 52 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया था.

पाकिस्तान के सिस्टम पर उठाए सवाल

अहमद शहजाद ने अपनी टीम की आलोचना करते हुए कहा कि पाकिस्तान में खिलाड़ी बड़े मुकाबलों के लिए उसी तरह तैयार नहीं किए जाते जैसे भारत में होते हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पाकिस्तान अक्सर जिम्बाब्वे, केन्या या युगांडा जैसी टीमों को हराकर खुश हो जाता है, जबकि भारत लगातार मजबूत टीमों के खिलाफ बड़े मुकाबले खेलता है.

स्कोर को लेकर भी किया बड़ा बयान

शहजाद ने भारत और पाकिस्तान की सोच में फर्क का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि भारत की टीम 250 से ज्यादा रन बनाने की सोच के साथ मैदान में उतरती है, जबकि पाकिस्तान की टीम अक्सर 170 या 180 रन बनाकर गेंदबाजों पर मैच बचाने की जिम्मेदारी छोड़ देती है.उनका मानना है कि इसी सोच की वजह से दोनों टीमों के प्रदर्शन में बड़ा अंतर दिखाई देता है.

अलग रैंकिंग की भी दी सलाह

अपने बयान के अंत में शहजाद ने तंज भरे अंदाज में कहा कि अगर पाकिस्तान को इसी तरह खेलना है तो आईसीसी को उनके लिए अलग रैंकिंग बना दे, जिसमें जिम्बाब्वे, केन्या और युगांडा जैसी टीमें शामिल हों.

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