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Kundru Benefits: कुंदरू (कुछ इलाकों में कुदरम या कुदूरम कहा जाता है) एक हरी लता वाला फल Coccinia grandis है, जिसे आमतौर पर सब्जी के रूप में पकाकर खाया जाता है. प्राचीन आयुर्वेद से लेकर आधुनिक डाइटेटिक्स तक, इस साधारण से दिखने वाले फल को इसके पोषण और औषधीय गुणों के कारण “सुपर-फूड” का दर्जा दिया गया है. आइए जानते है इसके फायदे…
कुदरूम की सब्जी का इस समय सीजन चल रहा है. यदि आप कुदरूम की सब्जी नहीं खाते हैं, तो क्या आपको पता है कुदरूम की सब्जी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होती है. यदि आप इसके फायदे के बारे में जान गए, तो कुदरूम खाना नहीं भूलेंगे, क्योंकि कुंदरू एक हरी लता वाला फल है, जिसे आम तौर पर सब्जी के रूप में पकाकर खाया जाता है. प्राचीन आयुर्वेद से लेकर आज की डाइटेटिक्स तक, इस मामूली दिखने वाले फल को “सुपर-फूड” माना जाता है. मुख्य वजह है इसका न्यून कैलोरी लोड, भरपूर फाइबर और विटामिन-मिनरल्स का शक्तिशाली मिश्रण.

कुंदरू के 100 ग्राम हिस्से में लगभग 18–20 किलो कैलोरी, 3–4 ग्राम आहार रेशा, विटामिन A और C का अच्छा स्रोत, साथ ही कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन, बी-कॉम्प्लेक्स और जिंक की वाजिब मात्रा मिलती है. इन पोषक तत्वों के कारण यह शरीर की रोज़मर्रा की ज़रूरतों को पूरा करने में मददगार है और माइक्रोन्यूट्रिएंट की कमी से बचाता है. फाइबर और पानी की मात्रा इसे पेट केयर के लिहाज़ से हल्का लेकिन संतोषजनक बनाती है.

मधुमेह नियंत्रण में इसका खास नाम है. कई अध्ययन और लोक-अनुभव बताते हैं कि कुंदरू के ऐसे पदार्थ (सपोनिन, टेरपीनॉइड और फ्लावोनॉइड) β-सेल फ़ंक्शन को सपोर्ट कर सकते हैं और भोजन के बाद रक्त शर्करा की तेजी को थामते हैं. इसी कारण कई आयुर्वेदिक डायबिटीज चूर्णों में इसे डाला जाता है. कम कैलोरी परंतु उच्च फाइबर प्रोफ़ाइल वजन घटाने वालों के लिए वरदान है. पेट देर तक भरा रहता है और अनावश्यक स्नैकिंग कम होती है. रेशा पाचन एंज़ाइमों का उत्पादन बढ़ाता है, जिससे कब्ज, गैस और एसिडिटी से राहत मिलती है.

गर्मी के मौसम में यह इम्यून-बूस्टर भी माना जाता है, क्योंकि ताजे फल में विटामिन-C बरकरार रहता है. यह एंटीऑक्सिडेंट ल्यूकोसाइट गतिविधि तेज कर मौसमी संक्रमण से रक्षा करता है. बीटा-कैरोटीन त्वचा की ड्राइनेस और फ्री-रैडिकल डैमेज घटाकर प्राकृतिक चमक को सहारा देता है, जबकि कैल्शियम-फॉस्फोरस हड्डियों और दांतों को मजबूती प्रदान करते हैं. इसकी पोटैशियम-प्रचुर संरचना रक्तचाप को संतुलित रखकर हृदय-स्वास्थ्य में योगदान देती है और आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाकर एनीमिया रोकथाम में मदद करता है.

रोज़ाना 70–100 ग्राम पकी कुंदरू सब्जी, हल्की मसालेदार भुजिया या सांभर मिक्स के रूप में, इन लाभों के लिए पर्याप्त है. हरे, कड़े और बिना दाग वाले फलों का चयन करें. कटे हुए फल तुरंत पकाएं ताकि ऑक्सीडेशन से पोषक तत्व न घटें. कुछ लोगों में अत्यधिक सेवन से हल्की पेट-गड़बड़ी या ब्लड शुगर बहुत नीचे गिरने का जोखिम हो सकता है, इसलिए डायबिटिक मरीज दवा समायोजन के लिए डॉक्टर से चर्चा कर लें. कुल मिलाकर, सस्ती और सुलभ कुंदरू आयु वर्धक पोषण का एक सरल, स्वादिष्ट स्रोत है, खासकर जब 21वीं सदी की व्यस्त दिनचर्या में आपको सेहत का भरोसेमंद साथी चाहिए.