International Women’s Day 2026: महिला दिवस पर फीमेल्स जरूर कराएं ये 5 हेल्थ टेस्ट

International Women’s Day 2026: दुनियाभर में 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा है. यह दिन महिलाओं के संघर्ष, उनकी उपलब्धियों और समाज में उनके अतुलनीय योगदान को समर्पित है. एक महिला परिवार की धुरी होती है. वह बेटी, पत्नी, मां और प्रोफेशनल लाइफ के बीच संतुलन बनाने में अपना पूरा जीवन खपा देती है. इन जिम्मेदारियों को निभाने में अक्सर महिलाएं अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं. जो महिलाएं पूरे घर की ढाल बनती है, वही अक्सर अपनी बीमारियों के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देती हैं. ऐसे में उनकी सेहत के लिए खतरे बढ़ जाते हैं.

नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने News18 को बताया कि महिलाओं का शरीर कई हार्मोनल बदलावों से गुजरता है, जिसके कारण उन्हें पुरुषों की तुलना में कुछ बीमारियों का खतरा ज्यादा होता है. किसी भी बीमारी को अगर शुरुआती स्टेज में डिटेक्ट कर लिया जाए, तो उसका इलाज आसान और असरदार होता है. बीमारियों का पता लगाने के लिए सभी महिलाओं को साल में एक बार अपनी सेहत की जांच जरूर करानी चाहिए. अगर आपको वक्त नहीं मिलता है, तो महिला दिवस के मौके पर अपनी जांच कराएं.

महिला दिवस पर जरूर कराएं ये 5 हेल्थ टेस्ट

पैप स्मीयर और एचपीवी टेस्ट : सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाली घातक बीमारी है, जिसे नियमित जांच से टाला जा सकता है. पैप स्मीयर टेस्ट के जरिए गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं में होने वाले असामान्य बदलावों का पता कैंसर बनने से सालों पहले लगाया जा सकता है. 25 से 65 वर्ष की महिलाओं को हर 3 से 5 साल में यह टेस्ट और HPV की जांच जरूर करानी चाहिए. यह एक सरल प्रक्रिया है, जो आपकी जिंदगी बचा सकती है.

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डिजिटल मैमोग्राफी : ब्रेस्ट कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए 40 की उम्र पार कर चुकी हर महिला के लिए मैमोग्राफी एक जरूरी टेस्ट है. यह तकनीक ब्रेस्ट में मौजूद उन छोटी गांठों को भी पहचान लेती है, जिन्हें हाथों से महसूस नहीं किया जा सकता. अगर आपके परिवार में कैंसर की हिस्ट्री रही है, तो आपको डॉक्टर की सलाह पर यह जांच और भी जल्दी शुरू कर देनी चाहिए. जल्दी पहचान से बीमारी से छुटकारा मिल सकता है.

थायराइड प्रोफाइल : महिलाओं को थायराइड की समस्या सबसे ज्यादा होती है. यह डिसऑर्डर महिलाओं में साइलेंट किलर की तरह काम करता है. वजन का अचानक घटना-बढ़ना, बालों का झड़ना, मूड स्विंग्स और अनियमित पीरियड्स अक्सर थायराइड असंतुलन के संकेत होते हैं. थायराइड फंक्शन टेस्ट (TFT) के माध्यम से आप यह जान सकते हैं कि आपकी थायराइड ग्लैंड सही काम कर रही है या नहीं. यह टेस्ट आपकी फर्टिलिटी और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है.

डेक्सा स्कैन : भारतीय महिलाओं में कैल्शियम की कमी और ऑस्टियोपोरोसिस बहुत कॉमन है. खासकर मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन का स्तर गिर जाता है और इससे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं. DEXA स्कैन आपकी बोन डेंसिटी को मापता है और बताता है कि आपकी हड्डियां कितनी मजबूत हैं. समय रहते इस जांच को कराने से बुढ़ापे में होने वाले हिप फ्रैक्चर और कमर के पुराने दर्द से बचा जा सकता है.

कार्डिएक रिस्क प्रोफाइल और HbA1c : दिल की बीमारियां अब केवल ज्यादा उम्र का मुद्दा नहीं रह गई हैं. तनावपूर्ण लाइफस्टाइळ और असंतुलित डाइट के कारण महिलाओं में कोलेस्ट्रॉल और साइलेंट हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा है. लिपिड प्रोफाइल यानी कोलेस्ट्रॉल टेस्ट और HbA1c यह सुनिश्चित करते हैं कि आपकी धमनियां साफ हैं और आपका ब्लड शुगर नियंत्रण में है. यह टेस्ट आपके मेटाबॉलिक स्वास्थ्य का आईना होते हैं.

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