Last Updated:
आज की जेनरेशन यानी जेन जी (Gen Z) की महिलाएं महिला दिवस को सिर्फ सेलिब्रेशन नहीं मानतीं. उनके लिए यह दिन बराबरी, सम्मान और अपने अधिकारों की बात करने का मौका है. सोशल मीडिया और जागरूकता के दौर में यह पीढ़ी महिला दिवस को बदलाव की आवाज के रूप में देखती है.
आज की जेनरेशन यानी जेन जी (Gen Z) की महिलाएं महिला दिवस को सिर्फ एक फॉर्मल सेलिब्रेशन या शुभकामनाओं तक सीमित नहीं मानतीं. उनके लिए यह दिन सिर्फ सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने या फूल देने का मौका नहीं है, बल्कि यह दिन महिलाओं के राइट्स, बराबरी और रिस्पेक्ट की बात करने का मौका है. डिजिटल दौर में बड़ी हुई इस पीढ़ी की सोच पहले से काफी अलग और खुली है. जेन जी की लड़कियां मानती हैं कि महिला दिवस तभी मायने रखता है जब इस दिन महिलाओं की असली चुनौतियों, उनकी मेहनत और उनके हक की बात हो.
जेन जी महिलाओं की सोच में सबसे बड़ी बात समान अवसर है. उनका साफ कहना है कि महिला दिवस का असली मतलब तभी पूरा होगा जब महिलाओं को पढ़ाई, नौकरी, लीडरशिप और फैसले लेने में बराबरी का मौका मिले. आज की लड़कियां अपने करियर को लेकर काफी सीरियस और एम्बिशियस हैं. वे नहीं चाहतीं कि समाज उन्हें सिर्फ घर की जिम्मेदारियों तक ही सीमित समझे. जेन जी महिलाओं के लिए आत्मनिर्भर बनना, अपनी पहचान बनाना और अपने फैसले खुद लेना बहुत जरूरी है. इसलिए वे उम्मीद करती हैं कि समाज उन्हें अपनी पसंद से जिंदगी जीने की आजादी दे.
इसके साथ ही जेन जी महिलाओं के लिए मेंटल हेल्थ और पर्सनल स्पेस भी बहुत मायने रखता है. उनका मानना है कि महिला दिवस पर सिर्फ महिलाओं की तारीफ करना काफी नहीं है. जरूरी यह भी है कि उनके इमोशन्स, स्ट्रेस और मानसिक स्वास्थ्य को भी समझा जाए. आज की युवा महिलाएं चाहती हैं कि परिवार हो या ऑफिस, हर जगह उनके विचारों और फीलिंग्स को भी उतनी ही अहमियत मिले. उनके लिए असली सम्मान सिर्फ शब्दों में नहीं, बल्कि व्यवहार और फैसलों में दिखना चाहिए.
सोशल मीडिया के दौर में जेन जी महिलाएं अपनी आवाज उठाने में भी काफी एक्टिव हैं. वे जेंडर इक्वालिटी, महिला सुरक्षा, वर्कप्लेस रिस्पेक्ट और एजुकेशन के अधिकार जैसे मुद्दों पर खुलकर बात करती हैं. महिला दिवस उनके लिए ऐसा मौका बन जाता है जब वे इन मुद्दों को और ज्यादा मजबूती से सामने ला सकें. यही वजह है कि जेन जी की लड़कियां सिर्फ सेलिब्रेशन तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि बदलाव की बात भी करती हैं.
जेन जी महिलाओं की समाज से सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि महिलाओं को सिर्फ एक दिन नहीं, बल्कि हर दिन बराबरी और सम्मान मिले. वे चाहती हैं कि महिला दिवस पर मिलने वाली तारीफ सिर्फ उस दिन तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे साल दिखाई दे. उनके हिसाब से असली बदलाव तब आएगा जब महिलाओं को हर जगह सुरक्षित, स्वतंत्र और बराबरी वाला माहौल मिलेगा. इसलिए जेन जी के लिए महिला दिवस सिर्फ जश्न का दिन नहीं, बल्कि अपनी आवाज उठाने और बेहतर भविष्य की उम्मीद करने का एक मजबूत प्लेटफॉर्म है.
About the Author
विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें
.