खांसी से बचाव के लिए घरेलू उपाय
डॉक्टर रिद्धि पांडे ने बताया कि खांसी से बचाव के लिए कुछ घरेलू उपाय हैं, जो खासकर मानसून के मौसम में बहुत कारगर साबित हो सकते हैं. इस मौसम में ठंड और नमी के कारण खांसी होना आम है और बच्चों व बुजुर्गों को इससे ज्यादा परेशानी होती है. ये लोग अपनी तकलीफ सही से बता भी नहीं पाते, जिससे खांसी के चलते उन्हें सीने, पसलियों और यहां तक कि आंखों में भी दर्द महसूस होने लगता है.
डॉ. रिद्धि पांडे ने बताया कि सबसे पहला उपाय यह है कि मानसून के दौरान सिर्फ गुनगुना पानी ही पीएं. ठंडा पानी पूरी तरह से अवॉयड करें, क्योंकि यह गले में खराश और संक्रमण को बढ़ा सकता है. पूरे दिन हल्का गर्म पानी पीने से गला साफ रहता है और संक्रमण का खतरा भी कम होता है.
दूसरा प्रभावी घरेलू उपाय है सरसों के तेल का इस्तेमाल. सरसों के तेल को हल्का गर्म करें और उसमें लहसुन की कुछ कलियां डालें. जब उसमें एक विशेष खुशबू आ जाए, तो इस तेल से छाती, गला, पीठ और पैरों के तलवों पर मालिश करें. मालिश के बाद शरीर को अच्छी तरह से ढंक लें, ताकि ठंडी हवा न लगे. यह उपाय खांसी में बहुत राहत देता है, खासकर जब कफ बन चुका हो.
डॉ. रिद्धि ने बताया कि होम्योपैथी दवाएं भी खांसी में असरदार होती हैं. यदि घरेलू उपायों से राहत नहीं मिलती, तो किसी योग्य होम्योपैथी चिकित्सक से संपर्क करें. मरीज के लक्षणों के अनुसार दवा दी जाती है, जो आमतौर पर 30 पावर में होती है और दिन में 3 बार ली जाती हैं.
खान-पान का विशेष ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है. डॉ. पांडे कहती हैं कि खांसी के दौरान ठंडी चीजें जैसे आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स या फ्रिज का पानी बिल्कुल नहीं लेना चाहिए. फल दोपहर में धूप के समय ही दें और दही का सेवन मानसून में बिल्कुल नहीं करना चाहिए. दूध में हल्दी डालकर तभी पिएं, जब खांसी की शुरुआत हो रही हो. यदि खांसी पुरानी हो गई है, तो दूध भी न लें.
डॉ. रिद्धि ने बताया कि लौंग और शहद का सेवन खांसी में बहुत फायदेमंद माना गया है. लौंग चूसने से गले की खराश और सूखी खांसी में राहत मिलती है. शहद गले को मॉइस्चराइज करता है और संक्रमण से लड़ने में मदद करता है.