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Tips To Reverse Prediabetes: प्रीडायबिटीज एक ऐसी कंडीशन है, जिसमें ब्लड शुगर लेवल सामान्य से ज्यादा हो जाता है. अगर वक्त रहते इसे कंट्रोल न किया जाए, तो कुछ सालों में डायबिटीज हो जाती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो प्रीडायबिटीज को रिवर्स करना संभव है. एक बार डायबिटीज हो गई, तो उसे रिवर्स नहीं किया जा सकता है. प्रीडायबिटीज को सही लाइफस्टाइल, बेहतर खानपान और दवाओं के जरिए पूरी तरह ठीक किया जा सकता है.
प्रीडायबिटीज को रिवर्स करना पॉसिबल होता है.
Prediabetes Reversal Timeline: दुनियाभर में करोड़ों की संख्या में लोग डायबिटीज से जूझ रहे हैं. डायबिटीज धीरे-धीरे डेवलप होती है और इससे पहले लोग प्रीडायबिटीज की चपेट में आते हैं. लैंसेट की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में करीब 15 करोड़ लोग प्रीडायबिटीज से जूझ रहे हैं. प्रीडायबिटीज की कंडीशन में ब्लड शुगर लेवल सामान्य से ज्यादा होता है, लेकिन डायबिटीज के पैमाने से थोड़ा कम होता है. प्रीडायबिटीज को डायबिटीज की बॉर्डरलाइन माना जाता है. अगर कोई प्रीडायबिटीज का शिकार हो जाए और अपना शुगर लेवल कंट्रोल करने के लिए जरूरी कदम न उठाए, तो इससे कुछ सालों में डायबिटीज हो जाती है. डॉक्टर्स की मानें तो प्रीडायबिटीज को पूरी तरह रिवर्स किया जा सकता है और डायबिटीज से बचा जा सकता है.
कितने दिनों में रिवर्स होगी प्रीडायबिटीज?
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो प्रीडायबिटीज को रिवर्स करना आसान काम नहीं है, लेकिन सही कदम उठाकर इससे पूरी तरह छुटकारा पा सकते हैं. एक पॉप्युलर रिसर्च बताती है कि केवल लाइफस्टाइल और खानपान में बदलाव करने वाले 25% लोग एक साल के भीतर प्रीडायबिटीज को रिवर्स करने में सफल रहे हैं. इसके अलावा मेटफोर्मिन जैसी दवाओं के साथ 30% और इंटेंसिव ट्रीटमेंट प्लान के साथ 40% लोग प्रीडायबिटीज को रिवर्स करने में कामयाब हुए हैं. इसे रिवर्स करने का समय इस बात पर निर्भर करता है कि आप अपने ट्रीटमेंट और प्लान को लेकर कितनी कोशिश करते हैं.
छोटी-छोटी आदतें दिलाएंगी छुटकारा
प्रीडायबिटीज को मात देने का सबसे बड़ा हथियार आपकी रोज की छोटी-छोटी आदतें हैं. इससे छुटकारा पाने के लिए सप्ताह में कम से कम 150 मिनट एक्सरसाइज करना जरूरी है. खानपान में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं और हेल्दी फूड्स का सेवन करें. वजन कम करने से भी प्रीडायबिटीज रिवर्स करने में मदद मिलती है. अपने कुल वजन का 5% से 7% हिस्सा कम करने से भी टाइप 2 डायबिटीज का खतरा काफी हद तक टल सकता है. आपका अच्छा रुटीन भी प्रीडायबिटीज को रिवर्स करने के लिए जरूरी होता है. अगर प्रीडायबिटीज इन सभी स्टेप्स से कंट्रोल नहीं हो रही, तो डॉक्टर से मिलकर दवा लें.
इन फैक्टर्स का भी बड़ा असर
अक्सर लोग डाइट और एक्सरसाइज पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन नींद और बुरी आदतों को भूल जाते हैं. रोज रात में 7 से 9 घंटे की गहरी नींद मेटाबॉलिक और हार्मोनल रेगुलेशन के लिए जरूरी है, क्योंकि नींद की कमी इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ा सकती है. इसके अलावा स्मोकिंग और शराब से दूरी भी प्रीडायबिटीज को रिवर्स करने के लिए जरूरी है. स्मोकिंग और अत्यधिक शराब शरीर के इंसुलिन के उपयोग की क्षमता को प्रभावित करते हैं, जिससे शुगर लेवल को कम करना मुश्किल हो जाता है.
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अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें
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