Dollar vs Rupee: ईरान युद्ध और कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच भारतीय रुपये को गुरुवार को कुछ राहत मिली. घरेलू शेयर बाजार में पिछले दो कारोबारी सत्र में टूट के बाद आज बेहद सकारात्मक माहौल के कारण शुरुआती कारोबार में रुपया अपने सबसे निचले स्तर से उबर गया. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 48 पैसे मजबूत होकर 91.57 के स्तर पर पहुंच गया.
क्यों रुपये में आया उछाल
विदेशी मुद्रा कारोबारियों (Forex Traders) के अनुसार कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, अमेरिकी मुद्रा की मजबूती और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी है, जिससे भारतीय करेंसी के ऊपर भारी दबाव बना हुआ है. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार (Interbank Forex Market) में रुपया 92.16 पर खुला. कारोबार के दौरान यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 91.30 के उच्च स्तर तक पहुंचा और बाद में 91.57 पर ट्रेड कर रहा था. इस तरह रुपया पिछले बंद स्तर की तुलना में 48 पैसे मजबूत रहा.
एक दिन पहले यानी बुधवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 56 पैसे टूटकर 92.05 के अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ था. इस बीच छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला US Dollar Index 0.20 प्रतिशत बढ़कर 98.93 पर पहुंच गया.
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बुधवार को शुद्ध रूप से 8,752.65 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
Finrex Treasury Advisors LLP के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक Anil Kumar Bhansali ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने निवेशकों के उत्साह को कम कर दिया है. तेल की ऊंची कीमतें भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए महंगाई की चिंता और राजकोषीय दबाव दोनों बढ़ा सकती हैं.
घरेलू बाजार में मजबूती देखी गई और सुबह 9 बजकर 17 मिनट पर निफ्टी 50 जहां 162 अंक यानी 0.66 प्रतिशत उछलकर 24,642,30 के स्तर पर कारोबार कर रहा था तो वहीं बीएसई सेंसेक्स 521 अंक ऊपर उठकर 79,636.89 के स्तर पर पहुंच गया.
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