होली पर पकवान खाकर शरीर में भर गए हैं टॉक्सिन्स, एक्सपर्ट ने बताए डिटॉक्स के 5 आसान तरीके

Ways to Detox Your Body Naturally: होली का त्योहार अपने साथ खुशियों के रंग और ढेर सारे पकवान लेकर आता है. गुझिया, मठरी, दही-भल्ले और तरह-तरह की मिठाइयों के बिना होली का मजा अधूरा लगता है. होली पर स्वाद के चक्कर में अक्सर हम अपनी भूख से ज्यादा खा लेते हैं, जिससे शरीर में सैचुरेटेड फैट, रिफाइंड शुगर और फूड कलर की मात्रा बढ़ जाती है. त्योहार के बाद महसूस होने वाली सुस्ती, भारीपन, कब्ज और त्वचा पर दाने इस बात का संकेत हैं कि आपके शरीर में टॉक्सिन्स जमा हो गए हैं. डाइटिशियन का मानना है कि त्योहार के बाद शरीर को डिटॉक्स करना जरूरी है. सही तरीके से डिटॉक्स करने से न केवल आपका मेटाबॉलिज्म सुधरता है, बल्कि पाचन तंत्र को भी आराम मिलता है.

नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की सीनियर डाइटिशियन कामिनी सिन्हा ने News18 को बताया कि डिटॉक्स प्रक्रिया का सबसे पहला नियम शरीर को हाइड्रेट करना है. गुनगुने पानी और नींबू से दिन की शुरुआत करें. एक गिलास गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़कर पिएं. नींबू में मौजूद विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स लिवर को सक्रिय करते हैं, जिससे शरीर से टॉक्सिक पदार्थों को बाहर निकालने में मदद मिलती है. यह पाचन तंत्र की सफाई करता है और शरीर के पीएच स्तर को संतुलित रखने में सहायक होता है. पूरे दिन में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीना सुनिश्चित करें, ताकि किडनी सही ढंग से काम कर सके.

एक्सपर्ट के मुताबिक त्योहार पर मैदा और चीनी का ज्यादा सेवन पाचन को धीमा कर देता है. इसे ठीक करने के लिए अपनी डाइट में फाइबर की मात्रा बढ़ाएं. ओट्स, दलिया, ब्राउन राइस और अंकुरित अनाज जैसे होल ग्रेन्स का सेवन करें. इसके अलावा पपीता, सेब और तरबूज जैसे फलों को अपनी डाइट में शामिल करें. पपीते में पपेन नामक एंजाइम होता है, जो भारी भोजन को पचाने में मदद करता है. फाइबर न केवल आंतों की सफाई करता है, बल्कि आपको लंबे समय तक एनर्जेटिक भी महसूस कराता है. बॉडी जब डिटॉक्स हो जाती है, तब एनर्जी लेवल भी बढ़ जाता है.

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डाइटिशियन ने बताया कि त्योहार पर लोग मीठी ठंडाई और कोल्ड ड्रिंक्स का खूब सेवन करते हैं. ऐसे में इन चीजों से शरीर को डिटॉक्स करने के लिए दिन में दो बार बिना चीनी वाली ग्रीन टी पिएं, जो मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मदद करती है. इसके अलावा आप घर पर डिटॉक्स वॉटर तैयार कर सकते हैं. एक बोतल पानी में खीरा, पुदीना और अदरक के टुकड़े डालकर रात भर छोड़ दें और अगले दिन इसका सेवन करें. अदरक और पुदीना पेट की सूजन को कम करते हैं और पाचन की जलन को शांत करने में प्रभावी होते हैं. यह डिटॉक्स वॉटर पीने से आपका पाचन सिस्टम रीसेट हो सकता है.

कामिनी सिन्हा ने बताया कि डिटॉक्स के दौरान कम से कम 2-3 दिनों तक तले-भुने खाने, कैफीन और प्रोसेस्ड फूड से पूरी तरह दूरी बना लें. रात का खाना बहुत हल्का होना चाहिए और सोने से कम से कम 3 घंटे पहले कर लेना चाहिए. मूंग दाल की खिचड़ी, कद्दू का सूप या उबली हुई सब्जियां सबसे अच्छे विकल्प हैं. हल्का भोजन करने से आपके पाचन अंगों को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती और वे खुद को ठीक करने में सक्षम हो पाते हैं.

जंक फूड और चीनी के ज्यादा सेवन से आंतों के अच्छे बैक्टीरिया असंतुलित हो जाते हैं. इसे ठीक करने के लिए प्रोबायोटिक्स का सेवन बहुत जरूरी है. दोपहर के खाने में एक कटोरी ताजा दही या घर का बना छाछ जरूर लें. छाछ में भुना हुआ जीरा और काला नमक मिलाकर पीने से पेट की एसिडिटी खत्म होती है और पाचन तंत्र में ठंडक पहुंचती है. यह आंतों को फिर से स्वस्थ बनाने का सबसे सरल और प्राकृतिक तरीका है. शरीर को डिटॉक्स करने के लिए केवल खान-पान ही काफी नहीं है, बल्कि पर्याप्त आराम और हल्की शारीरिक सक्रियता भी जरूरी है. गहरी नींद के दौरान शरीर अपनी कोशिकाओं की मरम्मत करता है और टॉक्सिन्स को फिल्टर करता है. फिजिकल एक्टिविटी से भी बॉडी के टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं.

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