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MP Board: नियमों में बदलाव के साथ बोर्ड एक्जाम की कॉपियो का मूल्यांकन शुरू कर दिया गया है. जिसमें पहले चरण में तीन-तीन एग्जाम की कॉपियों को लिया गया है यह कॉपियां कंप्लीट होने के बाद बाकी शेष पेपर का मूल्यांकन शुरू किया जाएगा.
Sheet Evaluation New Guidelines: मध्य प्रदेश शिक्षा मंडल भोपाल के द्वारा कराई जा रही बोर्ड की परीक्षाएं अब बिल्कुल अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई हैं 10वीं और 12वीं कक्षा के केवल एक-एक पेपर ही शेष रह गए हैं एग्जाम के बाद जहां बच्चे राहत की सांस लेंगे तो दूसरी तरफ शिक्षा विभाग के सामने समय पर और जल्दी रिजल्ट जारी करने की चुनौती होगी. लेकिन जिला स्तर पर बोर्ड एक्जाम की कॉपियो का मूल्यांकन शुरू कर दिया गया है. जिसमें पहले चरण में तीन-तीन एग्जाम की कॉपियों को लिया गया है यह कॉपियां कंप्लीट होने के बाद बाकी शेष पेपर का मूल्यांकन शुरू किया जाएगा. कॉपियों के मूल्यांकन के साथ ही स्टूडेंट के भविष्य का फैसला भी शुरू हो गया है. कॉपियों का मूल्यांकन करने के लिए इस बार शिक्षा विभाग के द्वारा नियमों में कुछ बदलाव भी किया गया है. जैसे की पिछले सालों तक जब किसी शिक्षक की ड्यूटी उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में लगाई जाती थी तो उसे कम से कम 30 कॉपियों का मूल्यांकन रोजाना करना होता था लेकिन इस बार नई व्यवस्था के तहत शिक्षक को कम से कम 45 और अधिकतम 60 कॉपी तक की जांच करके मूल्यांकन करना होगा.
शिक्षकों का मानदेय भी बढ़ा
इस बार उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने के लिए शिक्षकों का मानदेय भी बढ़ा दिया गया है. जिसमें शिक्षकों को पिछले साल तक दसवीं की कॉपी का मूल्यांकन करने पर 12 रुपए प्रति कॉपी मिलते थे लेकिन इस बार यह राशि 15 रुपया प्रति कॉपी हो गई है इसी तरह कक्षा 12 वी की उत्तर पुस्तिका जांचने पर 13 रुपए की जगह 16 रुपए प्रति कॉपी मानदेय दिया जाएगा. मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों की डिजिटल निगरानी की जा रही है जिसमें एक तो शिक्षा मंडल का एक स्पेशल ऐप है जिस पर स्कूल पहुंचते ही एंट्री करने की अटेंडेंस डालनी होगी और जब दिन भर में कॉपी चेक कर चुके होंगे, और वापस जाएंगे तब भी इसी विशेष अप में एक्जिट होने की अटेंडेंस डलेगी. जिसमें यह जानकारी भी देनी होगी कि दिन भर में कितनी कॉपी चेक की गई है. मूल्यांकन करता जब उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर रहा होगा तो वह सीसीटीवी की नजर में होगा जिसमें एक तो लोकल में निगरानी होगी और दूसरा किसको भोपाल से भी कनेक्ट किया जा सकता है.
क्या है मकसद
मूल्यांकन कर्ता जैसे ही स्कूल पहुंचेंगे तो उन्हें मोबाइल फोन पहले ही जमा करना होगा इसके बाद ही उनका उत्तर पुस्तिका थमाई जाएगी ऐसा करने के पीछे उद्देश्य है कि किसी भी तरह की सूचनाओं का आदान-प्रदान न किया जा सके. सागर जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन ने बताया की तीन पेपर संपन्न होने के बाद ही मूल्यांकन की प्रक्रिया 23 फरवरी से शुरू कर दी गई इसके लिए सभी शिक्षकों को पहले प्रशिक्षण भी दिलाया गया था प्रॉपर ट्रेनिंग होने के बाद ही यह कार्य शुरू किया गया है ताकि रिजल्ट को समय पर घोषित किया जा सके.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें
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