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Success Story: रांची की रहने वाली सोनी ने अपने बेटे के साथ मिलकर ‘स्पिसिआ’ नाम से मसाला कंपनी शुरू कर यह साबित कर दिया कि अगर इरादा मजबूत हो तो बड़े-बड़े ब्रांड के बीच भी अपनी पहचान बनाई जा सकती है. शुद्धता और अरोमा को अपनी ताकत बनाकर उन्होंने हल्दी, गरम मसाला, लौंग जैसे उत्पादों को बाजार में उतारा और कई रिजेक्शन झेलने के बावजूद हार नहीं मानी. आज उनके मसाले झारखंड के कई जिलों में सप्लाई हो रहे हैं और ग्राहक खुद कॉल कर ऑर्डर दे रहे हैं। अब उनका लक्ष्य अपने ब्रांड को देश के साथ-साथ विदेशों तक पहुंचाना है. रिपोर्ट- शिखा श्रेया
झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाली सोनी और उनके बेटे दोनों मिलकर अपनी खुद की कंपनी ‘स्पिसिआ’ चलाते हैं. दरअसल, यह मसाले की कंपनी है, जिसके तहत हल्दी, गरम मसाले, लौंग यह सारी चीज बेचने का काम करती है.
सोनी बताती हैं कि हमारे शुद्धता और अरोमा ( महक ) की दो चीज है, जिसको उन्होंने हथियार बनाया और आज उनका मार्केट झारखंड से बाहर भी है. इसे चलाते हुए उन्हें 5 साल हो गए हैं. अब उनके पेटेंट कस्टमर बन चुके हैं.
सोनी आगे बताती हैं कि सुपरमार्केट से लेकर लोकल मार्केट में उनके इस मसाले की डिमांड बढ़ गई है, लेकिन यहां तक पहुंचना इतना आसान नहीं था. क्योंकि बाजार में ऑलरेडी बड़े-बड़े ब्रांड खड़े हैं. उस बीच अगर आप अपना लेकर जाते हैं तो सबसे पहले वह कहते हैं कि उनके पास तो पहले से ही यह 4-5 ब्रांड हैं. फिर हम आपका सामान क्यों ले, ऐसे में अपने ब्रांड का जगह बनाना यह एक चुनौती होती है.
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सोनी ने आगे बताया कि उन्होंने कई रिजेक्शन झेले हैं. कई बार सुपर मार्केट से लेकर जब हम लोकल मार्केट में गये तो कई बार रिजेक्शन मिला, लेकिन हम भी अपनी क्वालिटी को लेकर काफी पक्के थे.
हमें पता था एक बार अगर कोई खाएगा तो दोबारा हमारा जरूर लेगा. इसलिए हमने बस एक चांस मांगा और जब हमें वह मिला तो हमारे कस्टमर बनते चले गए. आज आलम यह है कि एक बार कोई लेता है तो वह दोबारा उनका ही ब्रांड आकर खोजता है.
सोनी ने बताया कि हमारा जो मसाला है. वह एकदम खेत से डायरेक्ट लाया गया होता है. उसके बाद एकदम शुद्ध तरीके से पीसा गया होता है. पीसने के दौरान भी हाइजीन का बहुत ही ख्याल रखा जाता है और पैकेजिंग भी ऐसा है कि आप बार-बार इस्तेमाल करें तो आपको दिक्कत नहीं होगी. दरअसल, मसाला ऐसी चीज है कि जो हर घर में इस्तेमाल होता है और उसकी डिमांड कभी कम नहीं होने वाली है, इसलिए बिजनेस के लिए उन्होंने मसाले को चुना.
सोनी ने बताया कि अब आलम ऐसा है कि लोग कॉल करके डिमांड करते हैं. आसपास के जिले जैसे लोहरदगा, गुमला, खूंटी, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग सहित कई जिलों में उनके इस मसाले की सप्लाई होती है. जहां आगे चलकर हम बाहर विदेशों में भी एक्सपोर्ट करने की सोच रहे हैं. जिसे लेकर बातचीत चल रही है.
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