होली के त्योहार में अब एक दिन शेष रह गया है। त्योहार पर घर पहुंचने के लिए निकलने वालों ने रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भीड़ बढ़ा दी है। ग्वालियर रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भीड़ का यह आलम है कि पैर रखने के लिए जगह नहीं है। सुपरफास्ट व एक्सप्रेस ट्रेनों के AC व रिजर्वेशन कोच का नजारा जनरल बोगी की तरह नजर आ रहा है। जबकि ट्रेन की जनरल बोगियों में तो गेट पर लटक कर सफर करना पड़ रहा है। यही हालत रोडबेज व प्राइवेट बस स्टैंड पर बसों का नजर आ रहा है। बीते तीन दिन में ग्वालियर में 60 से हजार से एक लाख यात्रियों की संख्या बढ़ गई है।
होली का त्योहार 3 मार्च (मंगलवार) को मनाया जा रहा है। होली पर घर जा रहे यात्रियों की भीड़ के कारण रविवार और सोमवार को ट्रेनें व बसें पूरी तरह से फुल चल रही हैं। स्टेशन के प्लेटफार्म खचाखच भरे नजर आए। ट्रेन पकड़ने के लिए लोगों के बीच पिछले दो-तीन दिनों से धक्का-मुक्की हो रही है। जनरल कोच के कई यात्री खड़े-खड़े यात्रा करने के लिए स्लीपर कोचों में सवार हो गए। इसके चलते स्लीपर के यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों की भीड़ को संभालने के लिए आरपीएफ के जवान दिनभर स्टेशन पर भागादौड़ करते हुए नजर आए। यही नजारा बस स्टैंड पर भी त्योहार पर यात्रियों की भीड़ को देखते हुए ग्वालियर रोडबेज व प्राइवेट बस स्टैंड पर भी यात्रियों की अच्छी खासी संख्या है। लोग बसों में भी सीट के लिए भागदौड़ कर रहे हैं। इसका फायदा बस ऑपरेटर्स उठा रहे हैं। वे मनचाहा किराया वसूल रहे हैं। भिंड, मुरैना, डबरा, दतिया, झांसी और टीकमगढ़ के लिए यात्रियों से 40 से 50 रुपए तक ज्यादा लिए जा रहे हैं। अधिक किराया वसूलने के बाद भी यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ रहा है। बाजारों में भीड़, हर तरफ रौनक होली के त्योहार के चलते पूरे बाजार भी गुलजार नजर आ रहे हैं। ग्वालियर के प्रमुख बाजारों में रंग-गुलाल और पिचकारियों की दुकानें सज गई हैं। हर बार की तरह इस बार भी बाजार में बच्चों के लिए अलग-अलग तरह की पिचकारी आई है जिन्हें बच्चे अपने माता-पिता के साथ पहुंचकर खरीद रहे हैं। वही सदर बाजार मुरार और लश्कर की दानाओली में घेवर (मिठाई) की दुकानें भी सज गई हैं। .