चंदौली: डिजिटल युग में मोबाइल, लैपटॉप और अन्य स्क्रीन डिवाइस का उपयोग तेजी से बढ़ा है. लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठना आज की जीवनशैली का हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसका सीधा असर आंखों की सेहत पर पड़ रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार लगातार स्क्रीन देखने से आंखों में सूखापन, जलन, पानी आना, लालिमा और सिरदर्द जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं. समय रहते सावधानी न बरती जाए, तो यह समस्या माइग्रेन जैसी गंभीर स्थिति का रूप भी ले सकती है.
10 से 15 मिनट में लेना चाहिए छोटा ब्रेक
इसी विषय पर बातचीत करते हुए डॉ. रिद्धि पांडे ने Local 18 को बताया कि मोबाइल और लैपटॉप का अत्यधिक और लगातार उपयोग आंखों के लिए हानिकारक है. उन्होंने कहा कि जिन लोगों का पेशा ऐसा है, जिसमें लगातार स्क्रीन देखना जरूरी है, उन्हें हर 10 से 15 मिनट में छोटा ब्रेक लेना चाहिए. इस दौरान कुछ देर के लिए आंखें बंद करके बैठना चाहिए, ताकि आंखों की मांसपेशियों और नसों को आराम मिल सके.
आंखों की नसों पर पड़ता है अधिक दबाव
डॉ. पांडे ने बताया कि जब हम बिना पलक झपकाए लंबे समय तक स्क्रीन देखते रहते हैं, तो आंखों की नसों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. इसके शुरुआती लक्षणों में आंखों से पानी आना, जलन, खुजली, एलर्जी और आंखों का लाल होना शामिल है. यदि इन संकेतों को नजर अंदाज किया जाए, तो धीरे-धीरे सिरदर्द शुरू हो सकता है, जो आगे चलकर क्रॉनिक माइग्रेन का रूप ले सकता है.
इन कुछ सरल उपायों से आंखों को रखें ठीक
आगे उन्होंने आंखों की सेहत बनाए रखने के लिए कुछ सरल उपाय भी बताए. पलक झपकाना, आंखों को दाएं-बाएं और गोल घुमाना (रोटेशन) तथा त्राटक जैसे नेत्र व्यायाम आंखों की मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं. इसके अलावा नियमित अंतराल पर ब्रेक लेना बेहद जरूरी है.
गुलाब जल का उपयोग भी होता है फायदेमंद
वहीं, उन्होंने कहा कि घरेलू उपायों में गुलाब जल का उपयोग भी फायदेमंद बताया गया है. बाजार में उपलब्ध शुद्ध गुलाब जल स्प्रे से आंखों के आसपास हल्का छिड़काव करने से ठंडक और ताजगी मिलती है. इसी तरह तुलसी का रस या उसका हल्का लेप आंखों के ऊपर रखने से भी आराम मिल सकता है. हालांकि, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले उसकी शुद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना जरूरी है.