Homemade Holi Sweet Benefits: होली का त्योहार आने वाला है और अधिकतर घरों में इस वक्त मिठाइयां बनाई जा रही हैं. गुजिया, रसगुल्लों और लड्डू के बिना होली का जश्न अधूरा सा लगता है. बाजार में मिलने वाली मिठाइयों में अक्सर मिलावटी मावा, आर्टिफिशियल कलर्स और रिफाइंड शुगर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. इन मिठाइयों को खाने से सेहत को गंभीर नुकसान हो सकता है. ऐसे में घर पर बनी मिठाइयां न केवल त्योहार पर आपको सुरक्षित रख सकती हैं. अगर आप इस होली अपनी रसोई में कुछ मीठा बनाने की योजना बना रहे हैं, तो डाइटिशियन के कुछ टिप्स आपके काम आ सकते हैं.
नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की डाइटिशियन कामिनी सिन्हा ने News18 को बताया कि बाजार की मिठाइयों में रिफाइंड शुगर बहुत ज्यादा होती है, जो सेहत के लिए नुकसानदायक है. इस होली आप अपनी मिठाइयों में चीनी की जगह गुड़, धागे वाली मिश्री या खजूर के पेस्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं. गुजिया की स्टफिंग में चीनी के बजाय बारीक कटा हुआ गुड़ या किशमिश डालने से एक अलग सोंधापन आता है. अगर आप स्टीविया जैसे प्राकृतिक स्वीटनर का उपयोग करते हैं, तो डायबिटीज के मरीज भी बिना डरे त्योहार का आनंद ले पाएंगे. इससे सेहत को नुकसान भी नहीं होगा और त्योहार को एंजॉय भी कर पाएंगे.
डाइटिशियन ने बताया कि त्योहारी सीजन में बाजार में सिंथेटिक और मिलावटी मावा बिकने लगता है. इससे बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप घर पर ही दूध से मावा तैयार करें. अगर समय की कमी है, तो आप ताजा पनीर या कंडेंस्ड मिल्क का उपयोग करके भी झटपट मिठाइयां बना सकते हैं. घर पर बने मावे में नमी और शुद्धता बनी रहती है, जो मिठाई के शेल्फ-लाइफ को भी बढ़ाती है. शुद्ध दूध से बनी मिठाई का स्वाद बाजार की मिलावटी मिठाइयों के मुकाबले कहीं ज्यादा लाजवाब होता है.
एक्सपर्ट की मानें तो आमतौर पर गुजिया या मालपुआ मैदे से बनाए जाते हैं, जो पचने में भारी होता है और पेट संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है. इस बार आप मैदे को पूरी तरह या 50-50 अनुपात में गेहूं के आटे, सूजी या रागी के आटे से बदल सकते हैं. आटे से बनी गुजिया न केवल फाइबर से भरपूर होती है, बल्कि यह आपको लंबे समय तक ऊर्जावान भी रखती है. इसके अलावा बेसन या मूंग दाल का हलवा भी एक बेहतरीन और पौष्टिक विकल्प है जो स्वाद और सेहत का संतुलन बनाए रखता है.
होली की ज्यादातर मिठाइयां घी या तेल में डीप-फ्राई की जाती हैं, जिससे उनमें कैलोरी की मात्रा बहुत बढ़ जाती है. सेहत का ख्याल रखते हुए इस बार आप बेक्ड गुजिया ट्राई कर सकते हैं. ओवन या एयर-फ्रायर का उपयोग करके आप बिना तेल के कुरकुरी और स्वादिष्ट मिठाइयां बना सकते हैं. अगर आप तलना ही चाहते हैं, तो शुद्ध देसी घी का सीमित उपयोग करें या राइस ब्रान ऑयल जैसे लो-कोलेस्ट्रॉल तेल का इस्तेमाल करें. याद रहे कि एक ही तेल को बार-बार गर्म करके इस्तेमाल न करें, क्योंकि यह हानिकारक ट्रांस-फैट पैदा करता है.
डाइटिशियन कामिनी सिन्हा कहती हैं कि मिठाइयों को आकर्षक बनाने के लिए कभी भी सिंथेटिक फूड कलर का इस्तेमाल न करें. केसर, हल्दी या चुकंदर के रस का उपयोग करके आप अपनी मिठाइयों को सुंदर और सुरक्षित रंग दे सकते हैं. साथ ही अपनी रेसिपी में काजू, बादाम, पिस्ता और अखरोट जैसे ड्राई फ्रूट्स की मात्रा बढ़ा दें. ये न केवल मिठाई के क्रंच को बढ़ाते हैं, बल्कि शरीर को जरूरी ओमेगा-3 और विटामिन्स भी प्रदान करते हैं. इलायची और जायफल जैसे मसालों का प्रयोग स्वाद को दोगुना करने के साथ-साथ पाचन में भी मदद करता है.