रायसेन | जिले के करीब 80 किलोमीटर क्षेत्र में 125 से अधिक गांवों के लिए पीने के पानी और खेतों की सिंचाई का प्रमुख स्रोत मानी जाने वाली जीवनदायिनी बेतवा नदी की धार इस बार फरवरी में ही टूट गई है। हालात यह हैं कि नदी में अब टुकड़ों-टुकड़ों में ही कहीं-कहीं पानी भरा नजर आ रहा है। गर्मी का मौसम अभी पूरी तरह शुरू भी नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि फरवरी में ही यह स्थिति है तो अप्रैल-मई की भीषण गर्मी में हालात और गंभीर हो सकते हैं। नदी की धार टूटने से ग्रामीणों के सामने पेयजल संकट गहराने की आशंका है। .