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त्योहारों के इस खुशनुमा मौसम में जहां घरों में रौनक और मिठाइयों की भरमार रहती है, वहीं बदलता मौसम सर्दी-खांसी जैसी परेशानियां भी बढ़ा देता है. ठंडी हवाएं, धूल और प्रदूषण गले और छाती को प्रभावित कर देते हैं. ऐसे में जरूरी है कि शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न किया जाए और समय रहते घरेलू उपायों से राहत पाई जाए.
त्योहारों का मौसम जहां खुशियां, मिठाइयां और परिवार के साथ समय बिताने का मौका लेकर आता है, वहीं बदलता मौसम कई स्वास्थ्य समस्याएं भी साथ ले आता है. तापमान में उतार-चढ़ाव, ठंडी हवाएं, धूल और बढ़ता प्रदूषण मिलकर सर्दी और खांसी जैसी दिक्कतों को बढ़ा देते हैं. गले में जलन, सूखापन, बलगम और छाती में भारीपन जैसी परेशानियां अचानक शुरू हो जाती हैं. ऐसे में लापरवाही करना ठीक नहीं है. समय रहते ध्यान देने से बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है.
मौसम में अचानक बदलाव होने पर शरीर को खुद को ढालने में समय लगता है. इस दौरान इम्युनिटी थोड़ी कमजोर हो सकती है. ठंडी हवा और प्रदूषण के कण गले और श्वसन तंत्र को प्रभावित करते हैं. इससे सूखी खांसी या बलगम वाली खांसी की समस्या शुरू हो जाती है. कई बार लोग शुरुआती लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही लापरवाही बाद में लंबी चलने वाली खांसी या सांस लेने में दिक्कत का कारण बन सकती है.
शुरुआती लक्षणों को पहचानना है जरूरी
सर्दी-खांसी की शुरुआत आमतौर पर हल्की खराश से होती है. इसके बाद सूखी खांसी, गले में जलन, बलगम बनना या छाती में भारीपन महसूस हो सकता है. कुछ लोगों को बोलने में तकलीफ या रात में ज्यादा खांसी की शिकायत भी रहती है. यदि समय पर देखभाल न की जाए तो संक्रमण बढ़ सकता है. इसलिए त्योहारों की व्यस्तता के बीच भी अपनी सेहत को प्राथमिकता देना जरूरी है.
घरेलू उपाय दे सकते हैं राहत
घर में मौजूद कुछ आसान चीजें इन लक्षणों में काफी आराम पहुंचा सकती हैं. सूखी खांसी होने पर मुलेठी या लौंग को धीरे-धीरे चबाना फायदेमंद माना जाता है. मुलेठी गले को मुलायम बनाती है और खांसी को शांत करने में मदद करती है. लौंग में मौजूद प्राकृतिक तत्व गले के संक्रमण से लड़ने में सहायक होते हैं. गुनगुने पानी में नमक मिलाकर दिन में दो से तीन बार गरारे करना भी बेहद असरदार उपाय है. इससे गले की सूजन कम होती है और जलन में राहत मिलती है. यह तरीका सरल होने के साथ-साथ काफी प्रभावी भी है.
हल्दी वाला दूध और हर्बल काढ़ा
रात को सोने से पहले गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर पीना इम्युनिटी मजबूत करने में मदद करता है. हल्दी में मौजूद गुण शरीर को संक्रमण से लड़ने की ताकत देते हैं और गले की सूजन कम करते हैं. इससे रात में खांसी कम होती है और नींद बेहतर आती है. इसके अलावा अदरक और तुलसी का काढ़ा बनाकर उसमें थोड़ा शहद मिलाकर पीना भी लाभकारी है. अदरक शरीर को गर्माहट देता है और बलगम को ढीला करने में मदद करता है. तुलसी श्वसन तंत्र को साफ रखने में सहायक होती है. शहद गले को आराम देता है और खांसी को नियंत्रित करने में मदद करता है.
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विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें
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