उज्जैन के प्रसिद्ध श्री मंगलनाथ मंदिर में 3 मार्च को चंद्र ग्रहण के कारण सभी प्रकार की पूजा-अर्चना और गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। यह प्रतिबंध सुबह 6:47 बजे से शाम 6:47 बजे तक लागू रहेगा। मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक के.के. पाठक ने बताया कि यह निर्णय चंद्र ग्रहण के वेद लगने (स्पर्श) से लेकर उसकी समाप्ति तक की अवधि के लिए लिया गया है। इस दौरान श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। प्रतिबंध के तहत भात पूजन सहित मंदिर में होने वाली समस्त प्रकार की पूजा-अर्चना पूर्णतः वर्जित रहेगी। यह व्यवस्था भक्तों और मंदिर की परंपराओं को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है। इसी दिन होली (धुलेंडी व रंग पंचमी) होने के कारण उच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों का पालन भी किया जाएगा। मंदिर परिसर और गर्भगृह में केमिकल युक्त गुलाल एवं रंगों से होली खेलने पर भी सख्त प्रतिबंध रहेगा। .