Last Updated:
गौशाला में गौवंश के फर्जी आंकड़े देकर अनुदानों लेने वालों पर अब मध्य प्रदेश सरकार ने शिकंजा कसने का पूरा प्लान बनाया है. विधानसभा में पशुपालन मंत्री लखन पटेल की तरफ से बताया गया है कि सरकार गौवंश की निगरानी चिप लगाकर करेगी और इससे फर्जीवाड़े पर भी लगाम लगेगी.
सांकेतिक तस्वीर AI
मध्य प्रदेश विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान गौशालाओं का मामला गूंजा है. भाजपा विधायक अनिरुद्ध मारू ने गौशालाओं की स्थिति को लेकर प्रश्न पूछा. जिस पर पशुपालन मंत्री लखन पटेल की तरफ से बताया गया कि एमपी में स्मार्ट चिप से अब गौवंश की निगरानी होगी. आश्रित और निराश्रित गौवंश में चिप सरकार लगाएगी. चिप के जरिए गौवंश की निगरानी करने वाला मध्य प्रदेश में भारत में पहला राज्य होगा.
मंत्री लखन पटेल ने कही ये बात
सरकार की तरफ से पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश में 3040 गौशालाएं संचालित हैं. अब चिप सिस्टम के जरिए गायों की गणना की जाएगी. पालतू और निराश्रित गौ वंश की टैगिंग अलग-अलग रंग से की जाएगी, ताकि अगर गाय सड़क पर है, तो आसानी से पहचान हो सके. गायों को लेकर सरकार काम कर रही है और पूरी तरह से गंभीर है.
भाजपा विधायक अनिरुद्ध मारु ने उठाया मुद्दा
बीजेपी विधायक अनिरुद्ध मारु का कहना है कि अभी तक सरकार के पास कोई ऐसी प्रक्रिया नहीं थी, जिसके चलते गौशाला में रह रही गायों की ट्रैकिंग हो सके. यही कारण है कि मैंने विधानसभा में यह सवाल उठाया था, क्योंकि कई जगह से शिकायत मिल रही थी कि जब अनुदान के लिए निरीक्षण करने दल जाता था, तो अधिक गौवंश दिखाई जाती थी. लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया जाता था. इससे गौ माता के नाम पर घोटाले किए जा रहे थे. सरकार ने कहा है कि इलेक्ट्रॉनिक चिप लगाकर वह गौवंश की अटेंडेंस लगाएंगे. इससे कहीं ना कहीं फर्जीवाड़े लगाम लगेगी.
कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह ने लगाया आरोप
वहीं इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह का कहना है कि मैंने भी एक सवाल लगाया था, लेकिन सरकार के पास ऐसा कोई आंकड़ा नहीं है कि मध्य प्रदेश में कुल कितना गोवंश है, कितना निराश्रित घूम रहा है और कितना गौशालाओं में है. अगर सरकार ने यह फैसला लिया है तो स्वागत योग्य है. अब देखना होगा किसका कितना पालन हो पता है.
.