हरदा में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इस सरकारी योजना के तहत भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को अनुचित लाभ दिया जा रहा है। यह यात्रा 3 से 6 मार्च तक हरदा से अयोध्या और वाराणसी के लिए निर्धारित है। जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आदित्य गार्गव ने बताया कि यात्रा की सूची में जिला पंचायत अध्यक्ष गजेंद्र शाह, उनकी पत्नी अंजना शाह (जो पूर्व में टिमरनी विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी रही हैं), टिमरनी मंडल अध्यक्ष अतुल बारंगे के पिता गौरीशंकर बारंगे और उनके परिवार के अन्य सदस्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, खिरकिया क्षेत्र के वरिष्ठ भाजपा नेता ललित पालीवाल सहित कई अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं के नाम भी सूची में हैं। गार्गव ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन ने पात्र व्यक्तियों के नाम हटाकर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को सूची में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि यह योजना आम लोगों को तीर्थ दर्शन कराने के लिए बनाई गई थी, लेकिन यह जिले में भाजपा नेताओं को सरकारी खर्च पर उपकृत करने का माध्यम बन गई है। कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि पूर्व में भी इस योजना के तहत भाजपा के नेता और कार्यकर्ता आम आदमी का हक मारकर सरकारी खर्च पर तीर्थ यात्रा कर चुके हैं। आदित्य गार्गव ने कलेक्टर से इस सूची की उचित जांच कराने और योजना से वंचित रहे पात्र व्यक्तियों को इसका लाभ दिलाने की मांग की है। इस मामले पर संयुक्त कलेक्टर सतीश राय ने स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने बताया कि पात्र लोगों का चयन लॉटरी के माध्यम से किया जाता है। इसमें निर्धारित आयु वर्ग के लोग आवेदन करते हैं और ड्रा के जरिए जिनके नाम आते हैं, उन्हें सूची में शामिल किया जाता है। राय ने किसी भी तरह के भेदभाव से इनकार किया है। .