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शिवपुरी के करेरा थाना क्षेत्र में चार बच्चों की मां शीला प्रेमी के साथ भाग गई. पति राकेश ने थाने में शिकायत की तो पुलिसकर्मी ने 20 हजार रुपये लेकर 5 दिन में पत्नी लाने का वादा किया. पत्नी नहीं मिली और पैसे भी गए. अब राकेश बच्चों को लेकर एसपी ऑफिस पहुंचा और रो-रोकर गुहार लगा रहा है. उसने पत्नी बरामद करने और पैसे वापस करवाने की मांग की है.
शिवपुरी में 4 बच्चों की मां के प्रेमी संग फरार होने की शिकायत की गई है.
शिवपुरी. जिले के करेरा थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को हिला दिया है. रामनगर गांव के निवासी राकेश की पत्नी शीला, जो चार छोटे बच्चों की मां है, अचानक प्रेमी के साथ घर छोड़कर फरार हो गई. 18 फरवरी की शाम जब राकेश खेत से बच्चों के साथ लौटा तो घर में पत्नी का कोई पता नहीं था. अगले दिन 19 फरवरी को वह करेरा थाने पहुंचा और लापता होने की शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की. पुलिसकर्मी ने उससे 20 हजार रुपये ले लिए और वादा किया कि पांच दिन में पत्नी को ढूंढकर ला देंगे. लेकिन पांच दिन बीत गए, न पत्नी मिली और न ही पैसे वापस हुए. अब राकेश चारों बच्चों को लेकर रोते-बिलखते शिवपुरी एसपी कार्यालय पहुंचा और एसपी से न्याय की गुहार लगाई.
उसने आवेदन देकर पत्नी को बरामद करने के साथ ही पुलिसकर्मी से 20 हजार रुपये वापस करवाने की मांग की. राकेश का आरोप है कि उसकी चाची ने ही पत्नी से किसी की बात करवाई जिसके चलते वह भाग गई. चार छोटे बच्चों का पालन-पोषण अब राकेश के कंधों पर है जो मजदूरी करके परिवार चलाता है. पत्नी के जाने के बाद घर में मातम छा गया है. बच्चे मां की तलाश में रोते रहते हैं. राकेश ने बताया कि शीला घरेलू कामकाज में मेहनती थी लेकिन कुछ समय से उसका व्यवहार बदल गया था. संभवतः चाची के माध्यम से किसी प्रेमी से संपर्क हुआ जो उसे बहला-फुसलाकर ले गया. थाने में पुलिसकर्मी द्वारा पैसे लेना आम आदमी के विश्वास को तोड़ने वाला कदम है. राकेश जैसे गरीब व्यक्ति के लिए 20 हजार रुपये बहुत बड़ी रकम है जो उसने कर्ज लेकर जुटाई थी. अब वह एसपी से अपील कर रहा है कि न सिर्फ पत्नी वापस लाई जाए बल्कि पुलिसकर्मी पर कार्रवाई हो.
घटना का क्रम: कैसे हुई फरारी
राकेश ने बताया कि 18 फरवरी की शाम राकेश बच्चों को लेकर खेत गया था. शाम छह बजे घर लौटा तो पत्नी शीला गायब थी. घर में कोई सामान गायब नहीं हुआ लेकिन जेवरात और कुछ नकदी साथ ले गई. राकेश ने पड़ोसियों से पूछताछ की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. अगले दिन वह करेरा थाने पहुंचा जहां एक पुलिसकर्मी ने शिकायत सुनकर 20 हजार रुपये मांगे और कहा कि पांच दिन में पत्नी को ढूंढ लाएंगे. राकेश ने विश्वास में आकर पैसे दे दिए.
थाने में धोखा: 20 हजार गए, कोई कार्रवाई नहीं
राकेश ने बताया कि पुलिसकर्मी ने पैसे लेकर कोई FIR दर्ज नहीं की और न ही कोई जांच शुरू की. पांच दिन बाद जब राकेश फिर थाने गया तो पुलिसकर्मी ने टालमटोल किया. राकेश का कहना है कि वह गरीब मजदूर है और यह रकम उसके लिए बहुत बड़ी थी. अब वह एसपी से गुहार लगा रहा है कि पुलिसकर्मी पर भ्रष्टाचार का मामला दर्ज हो और पैसे वापस मिलें.
एसपी कार्यालय में बच्चों सहित रो-रोकर गुहार
राकेश चार बच्चों को लेकर एसपी ऑफिस पहुंचा. वह रोते हुए बोला, “एसपी साहब मेरी बीबी मुझे दिला दो. बच्चे मां के बिना परेशान हैं.” उसने लिखित आवेदन दिया जिसमें पत्नी की बरामदगी और पुलिसकर्मी से 20 हजार रुपये वापस करवाने की मांग की. एसपी ने आवेदन स्वीकार कर जांच के आदेश दिए हैं. चार बच्चों में सबसे बड़ा 10 साल का और सबसे छोटा 3 साल का है. राकेश अकेला कमाता है और अब घर संभालना मुश्किल हो गया है. पड़ोसी कहते हैं कि शीला अच्छी महिला थी लेकिन किसी ने बहका दिया. पुलिस व्यवस्था पर सवाल और उम्मीद यह मामला पुलिस की जवाबदेही पर बड़ा सवाल है. अगर पुलिस पैसे लेकर झूठा आश्वासन देती है तो आम आदमी किस पर भरोसा करे. एसपी स्तर पर जांच से उम्मीद है कि दोषी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई होगी और पत्नी की तलाश होगी. राकेश न्याय की आस लगाए बैठा है.
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सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें
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