इंदौर-पीथमपुर स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) लगातार धमाल मचा रहा है। एसईजेड कमिश्नर कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 के 12 महीनों में यहां की करीब 50 मल्टीप्रोडक्ट कंपनियों ने कुल 13,754 करोड़ रुपए (13,700 करोड़ से ज्यादा) का निर्यात किया है। हालांकि यूक्रेन- रूस, इजराइल-फिलीस्तीन और ईरान- अमेरिका के बीच आंशिक युद्ध का अंतर्राष्ट्रीय बाजार मतलब एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बिजनेस पर असर पड़ता नजर आ रहा है। एसईझेड कमिश्नर कार्यालय इन्दौर के अनुसार पिछले 2 साल में हुए एक्सपोर्ट में सिर्फ 171.21 करोड़ रुपए की ही बढ़ोतरी हो पाई है। साल 2025 में 12 महीने में 1 जनवरी से 31 दिसम्बर तक एसईझेड में संचालित 50 से ज्यादा मल्टीप्रोडक्ट कम्पनीज ने 13 हजार 754.53 करोड़ रुपए का एक्सपोर्ट किया है, जबकि इसके पहले साल 2024 में इन्हीं कंपनियों ने 13 हजार 583.32 करोड़ रुपए का एक्सपोर्ट किया था। इस तरह साल 2024 और 2025 के 24 महीनों में एसईझेड कम्पनियों ने जितना एक्सपोर्ट किया है, उस हिसाब से पिछले साल 2025 में सिर्फ 171.21 करोड़ रुपए का ज्यादा एक्सपोर्ट हुआ, जो कि पिछले अन्य सालों की अपेक्षा वाकई कम है। इन कम्पनियों ने यूएसए, यूएई सहित कई देशों में एक्सपोर्ट किया लगभग 50 कम्पनियों ने 13 हजार 500 करोड़ से ज्यादा रुपए का एक्सपोर्ट किया है। इनमें अमूल्य एक्सपोर्ट्स, एशियन मरीन सर्विसेज, एडवांस्ड एंजाइम्स टेक्नोलॉजीज, अजंता फार्मा, अपूर्वा इंडिया, बर्गवर्फ ऑर्गेनिक्स इंडिया, क्रिएटिव प्रोपैक, सिप्ला, कमिंस टेक्नोलॉजीज इंडिया, कमर्शियल सिन बैग्स, एमरल्ड टोबैको फ्लेक्सिटफ इंटरनेशनल, फेमी केयर, गोल्ड फिलामेंट्स, ग्लेनमार्क जेनेरिक्स, जियोटेक वर्ल्डवाइड (नियो कॉर्प इंटरनेशनल), इप्का लैबोरेटरीज, इनोवेटिव क्लैड सॉल्यूशंस, आईटीएल इंडस्ट्रीज, आईआईटीसी ऑर्गेनिक इंडिया, जश इंजीनियरिंग, जय कॉर्प, ख्याति फूड्स, कल्टेक्स, कुसुम हेल्थकेयर, ल्यूपिन, मायलान लैबोरेटरीज, मिशन विवाकेयर, मेडजेल फार्मास्यूटिकल्स, यू टेक पाइप्स, न्यू टेक एब्रेसिव्स, पिरामल हेल्थ केयर, प्रतिभा सिंटेक्स, परफेक्ट यूटिलिटीज, पीएसए केमिकल्स एंड फार्मास्यूटिकल्स, रेडवुड पैकेजिंग्स, एसआरएफ, शक्ति पंप्स इंडिया, सोलर इंटरनेशनल, सिंगल कंक्रीट सेफफ्लेक्स इंटरनेशनल श्रीकृष्णा वेल पैक, सोनिक बायोकेम एक्सट्रैक्शंस, सिम्बायोटेक फार्मालैब, सम्यक इंटरनेशनल, शंकर सोया कॉन्सेप्ट्स श्रीजी पॉलिमर्स (इ) एस.के. ट्रेडर्स सार्क्स मेटल, श्री तिरुपति बालाजी एफआईबीसी सिग्मा केमट्रेड स्टीमहाउस इंडिया, वीई कमर्शियल व्हीकल्स, टीजीडब्ल्यू मशीन नाइव्स, टफनेट्स इंडिया यह कम्पनियां प्रमुख हैं। पिछले सालों से तुलना और प्रभाव • साल 2024 में इन कंपनियों का निर्यात सिर्फ 171.21 करोड़ रुपए रहा था (जिसमें वैश्विक युद्ध और अन्य चुनौतियों का असर दिखा)।
• 2025 में यह आंकड़ा 13,754.53 करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में कई गुना ज्यादा है। इंदौर के लिए गौरव की बात पीथमपुर SEZ इंदौर को “डेट्रॉइट ऑफ इंडिया” की तरह मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। यहां 572 हेक्टेयर में फैले जोन में करीब 59 यूनिट्स हैं, जिनमें से 22 फार्मा सेक्टर की हैं। फार्मा निर्यात में अमेरिका प्रमुख बाजार है। कंपनियां अपनी कैपिबिलिटी बढ़ा रही आईटी एक्सपर्ट हेमंत पवार ने बताया कि इंदौर में कंपनियां अपनी कैपिबिलिटी बढ़ा रही है, अभी यहां बाजार खुला है। पहले इंदौर में चार कंपनियां थी, अब कई नई कंपनियां है। कंपनियां जो वर्तमान में है, वे अपना वर्क फोर्स बढ़ा रही है। कंपनियों को विश्वास होने लगा है कि नए शहरों में संभावनाएं है। .