जरूरत की खबर- सोया चंक्स के 11 हेल्थ बेनिफिट्स: 100 ग्राम सोया में 52 ग्राम प्रोटीन, डाइटीशियन से जानें किन्हें नहीं खाना चाहिए

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38 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

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सोया चंक्स शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन का बेहतरीन सोर्स है। इसमें प्रोटीन के साथ फाइबर, कैल्शियम और आयरन जैसे कई जरूरी पोषक तत्व भी होते हैं। ये मसल्स और हड्डियों को मजबूत रखने व शरीर की इम्यूनिटी को सपोर्ट करने में मदद करता है।

‘नेशनल सेंटर फॉर कॉम्प्लिमेंटरी एंड इंटीग्रेटिव हेल्थ (NCCIH)’ के मुताबिक, सोया चंक्स कोलेस्ट्रॉल लेवल कम करने में मददगार हैं। इससे महिलाओं में मेनोपॉज के दौरान होने वाले हॉट फ्लैशेज (अचानक तेज गर्मी महसूस होना) से भी राहत मिलती है।

कुछ स्टडीज में पता चला है कि इससे ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क भी कम हो सकता है। साथ ही यह हड्डियों को मजबूत रखने और ब्लड प्रेशर को संतुलित करने में भी मददगार है।

हालांकि, हर व्यक्ति में इसका प्रभाव अलग हो सकता है। फिर भी संतुलित मात्रा में सोया चंक्स आमतौर पर सेहत के लिए फायदेमंद है।

इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में हम सोया चंक्स की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • सोया चंक्स में कौन-कौन से न्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं?
  • क्या ज्यादा सोया चंक्स खाने के कोई साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं?
  • किन लोगों को सोया चंक्स नहीं खाना चाहिए?

एक्सपर्ट: डॉ. अनु अग्रवाल, सीनियर क्लीनिकल डाइटीशियन, फाउंडर- ‘वनडाइडटुडे’

सवाल- सोया चंक्स में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं?

जवाब- ‘यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर (USDA)’ के मुताबिक, 100 ग्राम सोया चंक्स में लगभग 50 ग्राम प्रोटीन होता है, जो मसल बिल्डिंग और रिकवरी के लिए बेहद फायदेमंद है। सोया चंक्स वेजिटेरियन और वीगन लोगों के लिए प्रोटीन का एक बेहतरीन सोर्स है।

इसमें कैल्शियम, आयरन और मैग्नीशियम जैसे कई जरूरी मिनरल्स भी पाए जाते हैं। नीचे दिए ग्राफिक में पानी में भिगोए हुए 100 ग्राम सोया चंक्स की न्यूट्रिशनल वैल्यू देखिए-

सवाल- सोया चंक्स कैसे तैयार किए जाते हैं?

जवाब- सोयाबीन से तेल निकालने के बाद बचे हुए हिस्से काे बारीक पीस लिया जाता है। फिर इसे प्रोसेस करके ‘सोया चंक्स’ बनाए जाते हैं। इसे बनाने की प्रक्रिया समझिए-

  • कच्चे सोयाबीन से तेल निकालकर बचे हुए ‘डी-फैटेड सोया फ्लोर’ को पानी के साथ मिक्सर में मिलाया जाता है, जिससे गाढ़ी स्लरी बनती है।
  • यह स्लरी सोया नगेट ‘एक्सट्रूडर कुकिंग मशीन’ में डाली जाती है। इसके अंदर स्लरी को हाई टेम्परेचर और प्रेशर पर पकाया जाता है।
  • मशीन पके हुए सोया पेस्ट को कटर की मदद से छोटे-छोटे टुकड़ों में काट देती है।
  • यह प्रक्रिया हाई प्रेशर में होती है, जिससे सोया चंक्स को स्पंजी टेक्सचर मिलता है।
  • इन छोटे-छोटे टुकड़ों को ड्रायर में सुखा लिया जाता है।
  • इनकी क्वालिटी जांचकर अंत में पैक करके बाजार में भेज दिया जाता है।

सवाल- सोया चंक्स हमारी सेहत के लिए कितने फायदेमंद हैं?

जवाब- सोया चंक्स एक हाई-प्रोटीन, लो-फैट और फाइबर से भरपूर फूड है, जो शरीर की कई जरूरतों को पूरा करता है। जैसेकि-

  • सोया चंक्स में लगभग 52% प्रोटीन होता है, जो मसल्स ग्रोथ और रिपेयर में मदद करता है।
  • हाई फाइबर और लो फैट होने के कारण इससे पेट देर तक भरा रहता है। यह वेट मैनेजमेंट में सपोर्ट करता है।
  • बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) कम करके हार्ट हेल्थ को सपोर्ट करता है।
  • कैल्शियम और फॉस्फोरस से भरपूर होने के कारण हड्डियों और दांतों को मजबूती देता है।
  • आयरन से भरपूर होने के कारण हीमोग्लोबिन लेवल सुधारने में मदद करता है।
  • इसमें मौजूद डाइटरी फाइबर पाचन बेहतर करता है।
  • यह ब्लड शुगर कंट्रोल करने में भी मदद करता है।
  • सोया चंक्स में पौधे में पाया जाने वाला ‘आइसोफ्लेवोन्स’ कंपाउंड होता है। ये मेनोपॉज से गुजर रही महिलाओं में हॉट फ्लैशेज जैसी समस्याओं को कम करता है।
  • इसमें मौजूद फॉस्फोरस ब्रेन फंक्शन और मेमोरी को सपोर्ट करता है।

नीचे दिए ग्राफिक में इसके हेल्थ बेनिफिट्स देखिए-

सवाल- सोया चंक्स को अपनी डाइट में कैसे शामिल कर सकते हैं?

जवाब- इसे अपनी रोजमर्रा की डाइट में आसानी से शामिल कर सकते हैं। जैसेकि-

  • इसे सब्जी के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
  • चावल से बने व्यंजन जैसे, पुलाव या फ्राइड राइस में इस्तेमाल हो सकता है।
  • इसे सूप में भी इस्तेमाल किया जाता है।
  • सोया चंक्स को उबालकर सलाद में मिला सकते हैं।
  • इसे सब्जियों के साथ हल्का सा भूनकर भी खा सकते हैं।

सवाल- क्या सोया चंक्स के ज्यादा सेवन से कोई साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं?

जवाब- हां, इसके ज्यादा सेवन के कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। जैसेकि-

  • गैस
  • सूजन
  • अपच
  • दस्त

कुछ लोगों में सोया से एलर्जी भी होती है, जिससे खुजली, रैशेज या सांस लेने में परेशानी हो सकती है। सोया में मौजूद ‘फाइटोएस्ट्रोजेन थायरॉइड’ से पीड़ित लोगों में हाॅर्मोनल असंतुलन हो सकता है।

सवाल- एक दिन में कितना सोया चंक्स खाना सुरक्षित है?

जवाब- सीनियर डाइटीशियन डाॅ. अनु अग्रवाल बताती हैं कि आमतौर पर एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए एक दिन में 25 से 30 ग्राम सोया चंक्स सुरक्षित है। पकाने के बाद यह मात्रा लगभग ½ से 1 कटोरी हो जाती है।

सवाल- क्या डायबिटिक लोग सोया चंक्स खा सकते हैं?

जवाब- हां, इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स लो होता है। इसलिए यह ब्लड शुगर धीरे-धीरे बढ़ाता है। यह डायबिटिक लोगों के लिए बेहतर विकल्प है।

सवाल- क्या बच्चों को सोया चंक्स देना सही है?

जवाब- हां, सीमित मात्रा में बच्चों को सोया चंक्स दिया जा सकता है। ये उनकी ग्रोथ, मसल डेवलपमेंट और हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। अगर बच्चे को कोई हेल्थ कंडीशन है तो पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

सवाल- किन लोगों को सोया चंक्स नहीं खाना चाहिए?

जवाब- डॉ. अनु अग्रवाल बताती हैं कि कुछ लोगों के लिए सोया चंक्स नुकसानदायक हो सकते हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक में देखिए-

सवाल- मार्केट से सोया चंक्स खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

जवाब- सोया चंक्स खरीदते समय उनकी क्वालिटी पर ध्यान देना जरूरी है। इसके लिए कुछ बातों का खास ख्याल रखें। जैसेकि-

  • पैकेट पर FSSAI नंबर जरूर देखें।
  • मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट भी चेक करें।
  • देखें कि पैकेट सील्ड है या नहीं।
  • अजीब गंध वाले सोया चंक्स न खरीदें।
  • ब्रांडेड और भरोसेमंद कंपनी के सोया चंक्स चुनें।
  • इंग्रीडिएंट लिस्ट देखें। चेक करें कि इसमें अनावश्यक केमिकल या एडिटिव्स न हों।

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