फल और रहस्य… बरकास की नीलामी में छुपा है हैदराबाद का पुराना अरब इतिहास!

Last Updated:

Hyderabad News: हैदराबाद के बरकास इलाके में यमनी समुदाय द्वारा आयोजित फल नीलामी सदियों पुरानी परंपरा है. अंजीर, अमरूद, अनार आदि फलों की नीलामी होती है. यह सांस्कृतिक आयोजन है जो आज भी जारी है.

हैदराबाद. हैदराबाद के बरकास इलाके में यमनी समुदाय द्वारा आयोजित की जाने वाली फल नीलामी एक अनूठी और सदियों पुरानी परंपरा है जो आज भी जारी है. यह नीलामी विशेष रूप से अंजीर, अमरूद, अनार और अन्य मौसमी फलों के लिए होती है जिसमें स्थानीय लोग और व्यापारी बोली लगाकर फलों की टोकरियां खरीदते हैं.

बरकास का खेल का मैदान इस नीलामी का केंद्र होता है जहां यमनी समुदाय के लोग इकट्ठा होते हैं. फलों से भरी टोकरियां जमीन पर रखी जाती हैं और नीलामीकर्ता बोली शुरू करने की घोषणा करता है. भीड़ में मौजूद लोग अपनी कीमत बोलते हैं और सबसे ऊंची बोली लगाने वाले को टोकरी मिल जाती है. यह नीलामी केवल फल खरीदने का जरिया नहीं बल्कि एक सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजन भी है जहां लोग आपस में मिलते-जुलते हैं.

यमनी समुदाय और उनकी विरासत
बरकास हैदराबाद का अरब बहुल इलाका है और यहां का यमनी समुदाय शहर के सबसे पुराने निवासियों में से है. यह समुदाय मूल रूप से यमन से आया था और पिछले 200 साल से अधिक समय से यहां व्यापार और सामुदायिक जीवन जी रहा है. फल नीलामी की परंपरा उनके कृषि और व्यापारिक इतिहास से जुड़ी है.

परंपरा पर समय का असर
स्थानीय निवासी सैफुल्लाह के अनुसार पहले यह नीलामी बड़े पैमाने पर होती थी लेकिन अब यमनी समुदाय की आबादी कम होने के कारण इसका दायरा घट गया है. इसके बावजूद स्थानीय लोग और कुछ व्यापारी इसे एक सांस्कृतिक धरोहर के रूप में संजोए हुए हैं. आज भी बरकास की यह नीलामी हैदराबाद की विविध संस्कृति का एक खास उदाहरण है. बरकास की फल नीलामी केवल एक व्यापारिक गतिविधि नहीं बल्कि हैदराबाद की साझा विरासत और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक है. समय के साथ यह परंपरा धीरे-धीरे कम हो रही है लेकिन अभी भी यह शहर की लोककला और इतिहास का जीवंत हिस्सा बनी हुई है.

homeandhra-pradesh

फल और रहस्य… बरकास की नीलामी में छुपा है हैदराबाद का पुराना अरब इतिहास!

.

Source link

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *