साउथ कोरिया में बेबी बूम: कोविड के बाद शादियों की बाढ़, 15 साल का रिकॉर्ड टूटा

सियोल: दक्षिण कोरिया में बीते 15 सालों में पहली बार देश में शिशुओं की संख्या में भारी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. साल 2020 में कोविड महामारी आने के बाद से यह अब तक का सबसे बड़ा उछाल माना जा रहा है. सरकारी आंकड़ों की मानें तो साल 2025 में जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या ने पिछले डेढ़ दशक के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है. इसके साथ ही देश की कुल प्रजनन दर यानी फर्टिलिटी रेट चार वर्षों में पहली बार बढ़कर 0.8 के स्तर पर पहुंच गया है. यह डेटा दक्षिण कोरिया के लिए एक बड़ी राहत की तरह है, क्योंकि देश लंबे समय से गिरती जनसंख्या की समस्या से जूझ रहा था. मंत्रालय के अनुसार, पिछले साल कुल 2,54,500 शिशुओं का जन्म हुआ, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 6.8 प्रतिशत ज्यादा है.

क्या कोविड के बाद शादियों में आई तेजी ही इस बदलाव की बड़ी वजह है?

आंकड़ों और सांख्यिकी मंत्रालय ने नवजात शिशुओं की संख्या में आए इस उछाल के पीछे बेहद ठोस कारण बताए हैं.

  1. मंत्रालय का मानना है कि कोविड-19 महामारी के दौरान बहुत से जोड़ों ने अपनी शादियां टाल दी थीं. अब उन जोड़ों की शादियां संपन्न हो रही हैं, जिससे विवाह की संख्या में लगातार वृद्धि देखी गई.
  2. अप्रैल 2024 से लेकर पिछले साल दिसंबर तक लगातार 21 महीनों तक विवाह के आंकड़ों में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. जब शादियां बढ़ीं, तो इसका सीधा असर बच्चों के जन्म की दर पर भी पड़ा.
  3. इसके अलावा 30 वर्ष की आयु वर्ग वाली महिलाओं की आबादी में भी 2021 से निरंतर वृद्धि हो रही है, जो बच्चे पैदा करने के लिए सबसे प्रमुख आयु वर्ग माना जाता है.

क्या संतान पैदा करने को लेकर कोरियाई समाज की सोच अब बदल रही है?

  • सरकारी अधिकारी पार्क के अनुसार, दक्षिण कोरियाई समाज में संतानोत्पत्ति के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण में एक बड़ा बदलाव महसूस किया जा रहा है. मंत्रालय के 2024 के द्विवार्षिक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है कि अब शादी के बाद बच्चे पैदा करने की इच्छा रखने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है.
  • दिलचस्प बात यह है कि अब विवाह के बंधन से बाहर भी संतानोत्पत्ति के प्रति लोग पहले से ज्यादा इच्छुक नजर आ रहे हैं. यही वजह है कि 2025 में फर्टिलिटी रेट पिछले साल की तुलना में 0.05 प्रतिशत अधिक रहा.
  • सरकार को पूरी उम्मीद है कि यह सकारात्मक ट्रेंड आगे भी जारी रहेगा और साल 2031 तक देश की प्रजनन दर बढ़कर 1 के आंकड़े तक पहुंच सकती है.
शादियों की पेंडिंग लिस्ट हुई खत्म तो गूंजी किलकारियां. (File Photo : Reuters)

क्या जन्म दर बढ़ने के बावजूद जनसंख्या में गिरावट एक बड़ी चुनौती है?

भले ही जन्म दर में सुधार हुआ है, लेकिन दक्षिण कोरिया के सामने चुनौतियां अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं. ताजा आंकड़ों से यह भी पता चला है कि 2025 में मृत्यु दर में 1.3 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हुई है. पिछले साल देश में कुल 3,63,400 लोगों की मृत्यु हुई. इस वजह से जनसंख्या में करीब 1,10,000 की प्राकृतिक गिरावट दर्ज की गई है. यानी जन्म लेने वालों की तुलना में मरने वालों की संख्या अभी भी अधिक बनी हुई है.

हालांकि, प्रजनन दर में आया यह सुधार भविष्य के लिए एक उम्मीद की किरण जरूर है. मंत्रालय अब अगस्त में फाइनल आंकड़े जारी करेगा, जिससे स्थिति और भी ज्यादा स्पष्ट हो जाएगी.

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