भास्कर संवाददाता| भैरूंदा नगर परिषद भैरूंदा की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। वार्ड क्रमांक 4 के किसान मोहल्ला में मंगलवार को राजीव पटेल के खलिहान में रखे मक्का के भूसे में अचानक आग लग गई। खलिहान के पास ही करीब 6 एकड़ में गेहूं की फसल खड़ी थी। सूचना मिलते ही नगर परिषद का अग्निशमन यंत्र मौके पर पहुंचा। लोगों की तत्परता से आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया। इसी दौरान अग्निशमन यंत्र का पानी खत्म हो गया। इसके बाद नगर परिषद का पानी का टैंकर आग बुझाने के लिए मौके पर पहुंचा। टैंकर पहुंचा तो पता चला कि इंजन में डीजल ही नहीं था। पास खड़े ट्रैक्टर से डीजल निकालकर इंजन में डाला गया। काफी मशक्कत के बाद इंजन स्टार्ट हो गया। पानी आग तक नहीं पहुंच सका। पाइपों में अनगिनत सुराख थे। टैंकर की मौजूदगी बेअसर साबित हुई। लोगों का कहना है कि नगर परिषद संसाधनों की देखरेख नहीं कर रही। सुधार की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए। नगर परिषद के पास पर्याप्त संसाधन होने का दावा किया जाता है। हकीकत में रखरखाव के अभाव में संसाधन बदहाल हैं। आग बुझाने जैसे संवेदनशील काम के लिए प्रशिक्षित वालंटियर की जरूरत होती है। नगर परिषद में अधिकतर अप्रशिक्षित लोग इन संसाधनों का उपयोग करते हैं। इसका खामियाजा उपकरणों को भी भुगतना पड़ता है। आगजनी की घटनाओं में पीड़ितों को भी नुकसान उठाना पड़ता है। नागरिकों ने जांच की मांग की। जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। .