बालाघाट भाजपा कार्यालय में पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद फग्गनसिंह कुलस्ते ने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने केंद्र और मध्य प्रदेश के बजट की तारीफ करते हुए इसे जनता के हित में बताया। हालांकि, जब उनसे बालाघाट जिले के लिए बजट में हुए खास आवंटन के बारे में पूछा गया, तो वे इसका पूरा ब्यौरा नहीं दे सके। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के एपस्टीन फाइल को लेकर सरकार पर उठाए जा रहे सवालों पर कुलस्ते ने तंज कसा। उन्होंने राहुल गांधी की तुलना पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सीताराम केसरी से करते हुए कहा कि जैसे पहले कहा जाता था कि ‘सीताराम केसरी जो कहें वही सही है’, आज राहुल गांधी की हालत भी वैसी ही हो गई है। कुलस्ते ने कहा कि राहुल गांधी देश के बारे में क्या सोचते हैं और लोगों को क्या समझाते हैं, यह समझ पाना कठिन है। कौन थे सीताराम केसरी? सीताराम केसरी बिहार के कद्दावर नेता थे जो लंबे समय तक कांग्रेस के कोषाध्यक्ष और अध्यक्ष रहे। वे 1967 में पहली बार लोकसभा पहुंचे और बाद में पांच बार राज्यसभा सांसद रहे। स्वतंत्रता आंदोलन में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही थी और उन्होंने कई दिग्गज नेताओं के साथ काम किया था। विजयवर्गीय के बयान से बनाई दूरी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ कैलाश विजयवर्गीय के दिए गए ‘औकात’ वाले बयान पर कुलस्ते ने पार्टी का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह भाजपा का अधिकृत बयान नहीं है बल्कि एक व्यक्ति विशेष का अपना बयान है, जिसके लिए वे खुद जिम्मेदार हैं। उन्होंने यह भी नसीहत दी कि राजनीति में शब्दों का चुनाव ठीक ढंग से किया जाना चाहिए। .