डेस्क जॉब करने वाले लोग रोज 15 मिनट करें यह आसन, गर्दन और पीठ का दर्द होगा दूर, दवा की नहीं पड़ेगी जरूरत

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Marjariasana Health Benefits: घंटों डेस्क जॉब के कारण युवाओं को कमर, गर्दन और पीठ के दर्द का सामना करना पड़ता है. अगर आप रोज कुछ मिनट मार्जरी आसन का अभ्यास करें, तो गर्दन और पीठ दर्द से राहत मिल सकती है. आयुष मंत्रालय के अनुसार यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने, तनाव कम करने और पाचन में सुधार करने में सहायक है. यह सर्वाइकल, सायटिका और स्पॉन्डिलाइटिस जैसी समस्याओं में राहत प्रदान करता है और मानसिक शांति भी देता है.

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मार्जरी आसन सर्वाइकल के दर्द से भी राहत दिला सकता है.

Healing Benefits of Cat Pose: दुनियाभर में कॉरपोरेट कल्चर कल्चर तेजी से बढ़ रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है. देश में करोड़ों की संख्या में लोग घंटों एक जगह बैठकर काम करते हैं. अक्सर इसे डेस्क जॉब कहा जाता है. यह नौकरी दिखने में आसान है, लेकिन एक ही जगह घंटों बैठने से सेहत से जुड़ी कई समस्याएं पैदा हो जाती हैं. ऑफिस में घंटों कुर्सी पर बैठे रहना और लगातार कंप्यूटर स्क्रीन की ओर झुककर काम करना हमारी रीढ़ की हड्डी, गर्दन और कमर के लिए शत्रु के समान है. इस लापरवाही का परिणाम पीठ में अकड़न, कमर दर्द और गर्दन की जकड़न के रूप में सामने आता है. हालांकि योग विज्ञान में इसका एक बहुत ही सरल और प्रभावी समाधान मार्जरी आसन है. इसे कैट काउ पोज भी कहा जाता है. आयुष मंत्रालय और हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार यह आसन डेस्क जॉब करने वालों के लिए एक सुरक्षा कवच है.

एक्सपर्ट्स के अनुसार मार्जरी आसन दो शब्दों मार्जरी और आसन के मेल से बना है. मार्जरी का अर्थ बिल्ली और आसन का अर्थ मुद्रा है. इस योगासन के अभ्यास के दौरान शरीर की आकृति एक खिंचाव लेती हुई बिल्ली के समान हो जाती है. वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो यह आसन रीढ़ की हड्डी (Spine) को लहर की तरह आगे-पीधे गति प्रदान करता है, जिससे वर्टिब्रा के बीच का तनाव कम होता है. यह आसन मुख्य रूप से हमारी रीढ़ की मांसपेशियों को सक्रिय करता है और वहां रक्त के संचार को बढ़ाता है, जिससे दिन भर की थकान और जकड़न मिनटों में दूर हो जाती है.

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ऑफिस में गलत पोस्चर में बैठने के कारण अक्सर सर्वाइकल और स्पॉन्डिलाइटिस जैसी समस्याएं घेर लेती हैं. मार्जरी आसन इन समस्याओं में रामबाण की तरह काम करता है. यह गर्दन और कंधों की मांसपेशियों को स्ट्रेच कर उनकी जकड़न को खत्म करता है. नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी इतनी लचीली हो जाती है कि सायटिका और कमर के निचले हिस्से का दर्द में भी काफी सुधार देखने को मिलता है. यह शरीर के ऊपरी और निचले हिस्से के बीच एक बेहतर समन्वय स्थापित करता है, जिससे बैठने का तरीका सुधरता है. अगर आपका पोश्चर सुधर जाएगा, तो कई समस्याओं से राहत मिल जाएगी.

मार्जरी आसन का लाभ केवल हड्डियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे आंतरिक अंगों की कार्यप्रणाली को भी बेहतर बनाता है. इस आसन के दौरान जब पेट की मांसपेशियों में खिंचाव और संकुचन होता है, तो इससे पाचन तंत्र की मालिश होती है, जिससे कब्ज और गैस जैसी समस्याओं से राहत मिलती है. आयुर्वेद के अनुसार यह थायराइड ग्रंथि को सक्रिय करने और फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाने में भी सहायक है. यह फेफड़ों को पूरी तरह खुलने का अवसर देता है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर होता है और आप अधिक एक्टिव महसूस करते हैं.

मार्जरी आसन मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है. गहरी सांसों के साथ इस आसन का अभ्यास करने से तंत्रिका तंत्र शांत होता है, जिससे तनाव, चिंता और चिड़चिड़ापन कम होता है. विशेषज्ञों का मानना है कि जो लोग रात को सोने से पहले या दिन के अंत में इसका अभ्यास करते हैं, उन्हें नींद की गुणवत्ता में सुधार महसूस होता है. यह मस्तिष्क तक जाने वाली नसों को आराम पहुंचाता है, जिससे मानसिक थकान कम होती है और एकाग्रता बढ़ती है. अगर आपको पहले से कोई बीमारी है, तो इस आसन को करने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

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