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आगरा में इनसोम्निया के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं. वरिष्ठ चिकित्सक आशीष मित्तल के अनुसार देर रात मोबाइल इस्तेमाल और खराब लाइफस्टाइल इसकी बड़ी वजह है. अनिद्रा से चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ता है. समय पर भोजन, टहलना, लाइट बंद कर सोना, सुबह व्यायाम करना और सोते समय मोबाइल से दूरी रखना जरूरी है. अधिक परेशानी होने पर चिकित्सक से परामर्श लें.
आगरा : उत्तर प्रदेश के आगरा में इनसोम्निया के मरीजों की संख्या बढ़ गई है. चिकित्सक बताते हैं कि इनसोम्निया एक घातक बीमारी बनती जा रही है. यह एक ऐसी बीमारी है, जिसमें मरीज को देर रात तक नींद नहीं आती है. उन्होंने कहा कि नींद न आने के कारण वह रात में मोबाईल का इस्तेमाल करने लगता है और कई स्थिति में तो देर तक मोबाइल चलाने से भी यह बीमारी शरीर में लग रही है. उन्होंने कहा कि अनिद्रा इस बीमारी का हिंदी अनुवाद है. चिकित्सक ने कहा कि देर रात तक फोन नहीं चलाना चाहिए. समय से खाना खाकर व्यक्ति को सोना चाहिए और सुबह समय से ही उठना चाहिए. सुबह के वक़्त थोड़ा व्यायाम करना चाहिए, जिससे शरीर स्वस्थ्य रहे. उन्होंने कहा कि हेल्दी लाइफस्टाइल कई बीमारियों को बचाकर रखती है. उन्होंने कहा कि देर रात तक अंधेरे में फोन इस्तेमाल से अन्य समस्या जैसे आंखों की रौशनी जैसी बीमारी भी उत्पन्न हो सकती है. उन्होंने कहा कि अधिक समस्या होने पर नज़दीकी चिकित्सक से परामर्श करें.
इनसोम्निया बीमारी बनती जा रही है घातक, बढ़े हैं कई मरीज
आगरा के वरिष्ठ चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि इनसोम्निया एक ऐसी बीमारी है, जिसके मरीजों में इजाफा हुआ है. यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें मरीज को नींद नहीं आती है. देर रात तक वह मोबाइल चलाता है और फिर देर सुबह तक सोता रहता है. उन्होंने कहा कि शुरुआत में कई लोग मोबाइल देखते हैं, जिस कारण उन्हें नींद नहीं आती है. बाद में यह लत बन जाती और फिर इसे ही इनसोम्निया कहते हैं. उन्होंने कहा कि सुबह जल्दी उठने से व्यायाम करना बेहद जरूरी है. डॉ. आशीष ने बताया कि ज़ब मरीज इनसोम्निया का शिकार हो जाता है तो वह धीरे धीरे चिड़चिड़ा हो जाता है, क्योंकि वह पूरी नींद नहीं ले पाता है. उन्होंने कहा कि इस बीमारी से अन्य कई बीमारियां भी मरीज को लगने की उम्मीद बढ़ जाती है, ऐसी स्थिति में उन्हें तत्काल नज़दीकी चिकित्सक से परामर्श लेने की जरूरत होती है.
इनसोम्निया से घर में रहकर भी किया जा सकता है बचाव
आगरा के वरिष्ठ चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि इनसोम्निया से घर में रहकर बचा जा सकता है. उन्होंने कहा कि इसके लिए व्यक्ति को समय से भोजन करना है. भोजन के बाद वह थोड़ा टहल सकता है. उसके बाद समय से सोने की तैयारी करनी है. उन्होंने कहा कि इसके लिए कमरे में लाइट ऑफ़ कर दें और हल्का हल्का म्यूजिक सुनें. म्यूजिक सुनने से जल्दी और अच्छी नींद आएगी. डॉ. मित्तल ने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति समय से नींद लेगा तो आसानी से सुबह जल्दी उठ पायेगी. उन्होंने कहा कि सुबह जल्दी उठने के बाद वह वॉक या व्यायाम कर सकता है. जिससे वह पूरे दिन चुस्त रह सकता है. डॉ. आशीष ने कहा कि सोते समय मोबाइल का इस्तेमाल बिलकुल ना करें. उन्होंने कहा कि कई बार इनसोम्निया के मरीज डिप्रेशन या मानिसक रोगों का शिकार भी बन जाते है, इसलिए जरूरी है कि वह अपनी हेल्दी लाइफस्टाइल को रखें जिससे बीमारियां उनसे दूर रहें.
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पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें