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Datia News: दिलीप सिंह गौड़ ने वीडियो में कहा, ‘धर्मेंद्र शर्मा द्वारा कूटनीति से गलत दस्तावेज पेश किए. 2006 का अनुभव प्रमाणपत्र फर्जी बनवाकर प्रस्तुत किया. मैं 2017 में स्थापना बाबू था. राजेश दुबे द्वारा कहा गया कि 50 हजार रुपये ले लो और इसको विनियमित कर दो. मैंने मना कर दिया, तो इसके द्वारा गालियां दी गईं और मारा गया.’
मृतक लिपिक दिलीप गौड़ और मीडिया से बात करते सीएमओ नागेंद्र गुर्जर.
रिपोर्ट- अशोक शर्मा, दतिया. मध्य प्रदेश के दतिया में नगरपालिका के लिपिक दिलीप सिंह गौड़ ने आत्महत्या कर ली. गौड़ ने उत्तर प्रदेश के झांसी में खुदकुशी की है. जान लेने से पहले दिलीप सिंह ने वीडियो जारी किया था. गौड़ ने उसमें नगरपालिका के सीएमओ नागेंद्र सिंह गुर्जर और दो कर्मचारियों पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए. आरोप है कि सीएमओ ने दिलीप सिंह को मानसिक रूप से परेशान करने के लिए उनकी ड्यूटी ट्रंचिंग ग्राउंड में लगा दी थी. बाबू होने के बाद भी दिलीप को कचरा गाड़ी गिनने का काम सौंपा गया था. दिलीप किसी अन्य शाखा में ट्रांसफर का आवेदन लेकर जब सीएमओ नागेंद्र सिंह के पास गया, तो सीएमओ ने उसे गालियां दीं, जिससे दुःखी होकर दिलीप सिंह ने खुदकुशी कर ली. दिलीप ने वीडियो में सीएमओ और दो कर्मचारियों पर मामला दर्ज करने की मांग की.
वीडियो में लिपिक दिलीप सिंह गौड़ ने कहा, ‘धर्मेंद्र शर्मा द्वारा कूटनीति से गलत दस्तावेज पेश किए. 2006 का अनुभव प्रमाणपत्र फर्जी बनवाकर प्रस्तुत किया. मैं 2017 में स्थापना बाबू था. राजेश दुबे द्वारा कहा गया कि 50 हजार रुपये ले लो और इसको विनियमित कर दो. मैंने मना कर दिया, तो इसके द्वारा गालियां दी गईं और मारा गया. सीएमओ को 50 हजार रुपये दिए गए और इनके द्वारा स्थापना शाखा से मेरी ड्यूटी ट्रंचिंग ग्राउंड में गाड़ी गिनने की लगाई गई. यह लिपिक बाबू का कार्य नहीं है. मुझे इस आदेश से ठेस पहुंची है कि मैं एक बाबू होकर ट्रंचिंग ग्राउंड में गाड़ियों की गिनती करूं. यह अप्रिय घटना है. मैं इस कारण से आत्महत्या कर रहा हूं. इसके लिए दोषी राजेश दुबे, धर्मेंद्र शर्मा और नागेंद्र सिंह गुर्जर हैं. इनके खिलाफ FIR दर्ज की जाए.’
लिपिक पर दबाव बनाया जा रहा था
सीएमओ नागेंद्र सिंह गुर्जर ने खुद पर लगे आरोप पर कहा कि यह दुखद घटना है. वीडियो में लिपिक दिलीप सिंह गौड़ ने बताया है कि राजेश दुबे और धर्मेंद्र शर्मा के कुछ प्रकरण को लेकर उसपर दबाव बनाया जा रहा था. लिपिक ने एक बार उनसे चर्चा की थी, तो उन्होंने लिपिक से कहा था कि तू कोई गलत काम नहीं करेगा. ज्यादा दबाव आएगा, तो मुझे बताना. इसने मुझसे कई बार निवेदन किया था कि मुझे यहां से हटा दो. मैंने आजतक उसे कभी प्रताड़ित नहीं किया. उसे कभी सीट से नहीं हटाया. हम सोमवार से उसकी ड्यूटी बदलने वाले थे.
कलेक्टर का एक्शन
वहीं इस मामले में कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े के निर्देश पर सीएमओ ने नगरपालिका के लिपिक राजेश दुबे को निलंबित कर दिया है. मस्टर कर्मचारी धर्मेंद्र शर्मा को कार्य से अलग किया गया. कलेक्टर ने एडीएम के नेतृत्व में चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है. समिति तीन दिन में दिलीप सिंह के आत्महत्या के कारणों की जांच करेगी.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
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