बालाघाट कलेक्टर मृणाल मीणा ने सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की है। उन्होंने शिकायतों को ‘अटेंड’ न करने पर पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक डॉ. आर. एस. नागपुरे का ढाई दिन का और लांजी के पशु चिकित्सक डॉ. वासनिक का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं। 23 फरवरी को कलेक्ट्रेट में हुई बैठक में कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को समय पर सुलझाने के लिए कहा। उन्होंने साफ किया कि अगर लोक सेवा गारंटी कानून के तहत आवेदनों का निपटारा समय पर नहीं हुआ, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर जुर्माना लगाया जाएगा। नक्सल प्रभावित गांवों में सिंचाई की योजना बैठक में सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले के नक्सल प्रभावित 100 गांवों में सिंचाई सुविधाओं के लिए 2 हजार करोड़ रुपए की कार्य योजना तैयार की गई है। इसमें कुल 100 काम होने हैं, जिनमें से 47 कार्य जल संसाधन विभाग और बाकी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा किए जाएंगे। आंगनवाड़ी और स्कूल मरम्मत के निर्देश कलेक्टर ने निर्देश दिए कि 3 से 6 साल के जो बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ रहे हैं, उनका भी आंगनवाड़ी में रजिस्ट्रेशन कराया जाए। साथ ही, स्कूलों की मरम्मत और लड़कियों के शौचालय का काम जल्द पूरा करने और 15 मार्च तक स्कूलों में किताबें पहुंचाने की बात कही गई। बिजनेस क्लस्टर और राजस्व वसूली जिले के बैहर, परसवाड़ा और कटंगी में नए उद्योगों (MSME क्लस्टर) के लिए जमीन आवंटित करने और उद्यमियों की मदद के लिए ‘स्टार्टअप सेल’ बनाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, कलेक्टर ने तहसीलदारों को सख्त हिदायत दी कि बकाया राजस्व की वसूली के लिए कुर्की और नीलामी जैसी कार्रवाई तेज की जाए। फिलहाल आवेदनों के निराकरण में बालाघाट जिला प्रदेश में 18वें स्थान पर है। .