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भोपाल में किसान महापंचायत से पहले सियासत गरमा गई है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राहुल गांधी पर किसानों के मुद्दे पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया और माफी मांगने की बात कही. कांग्रेस इस महापंचायत को राष्ट्रीय किसान अभियान की शुरुआत बता रही है. भाजपा सरकार अपनी उपलब्धियां गिना रही है, जबकि कांग्रेस ट्रेड डील और किसान हितों को लेकर सवाल उठा रही है.
राहुल गांधी के भोपाल दौरे से पहले राजनीति तेज है.
भोपाल. राजधानी में होने वाली किसान महापंचायत से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा अमेरिका के साथ संभावित ट्रेड डील में किसानों के हितों की अनदेखी का मुद्दा उठाए जाने के बीच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पलटवार करते हुए उनसे देश और आस्था के सवाल पर माफी मांगने को कहा है. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस किसानों के नाम पर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है, इसके लिए राहुल गांधी को महाकाल मंदिर में जाकर माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने बीते वर्षों में कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक काम किए हैं. उन्होंने सिंचाई विस्तार, टेक्सटाइल पार्क और फसल आधारित उद्योगों को किसान हित से जोड़ते हुए कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाए.
दूसरी ओर कांग्रेस इस महापंचायत को राष्ट्रीय अभियान का प्रारंभ बता रही है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के अनुसार भोपाल से शुरू हो रही यह श्रृंखला महाराष्ट्र और राजस्थान सहित अन्य राज्यों में भी आयोजित होगी. कांग्रेस इसे किसानों के सम्मान और आर्थिक सुरक्षा का आंदोलन बता रही है. राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी में होने वाली इस सभा को पार्टी व्यापक जनसमर्थन का मंच बना रही है. ऐसे में महापंचायत से पहले दोनों दलों के बीच राजनीतिक और वैचारिक टकराव खुलकर सामने आ गया है.
किसान सम्मान निधि, एमएसपी वृद्धि और कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे कदम उठाए गए
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के लिए सिंचाई का रकबा बढ़ाया है और फसल विविधीकरण को प्रोत्साहन दिया है. उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसान सम्मान निधि, एमएसपी वृद्धि और कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे कदम उठाए गए. मुख्यमंत्री ने धार में टेक्सटाइल पार्क को कपास उत्पादक किसानों के लिए बड़ा अवसर बताया था. साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर आस्था से जुड़े मुद्दों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी को सार्वजनिक जीवन की मर्यादा समझनी चाहिए.
ट्रेड डील और किसान हित के मुद्दे पर कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने
राहुल गांधी ने हाल के वक्त में अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों के संदर्भ में किसानों की आय और फसल सुरक्षा का प्रश्न उठाया है. कांग्रेस का आरोप है कि विदेशी समझौते भारतीय कृषि बाजार को प्रभावित कर सकते हैं. भाजपा का कहना है कि केंद्र सरकार हर समझौते में घरेलू उत्पादकों के हितों की रक्षा करती है. विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक व्यापार और कृषि संरक्षण के बीच संतुलन बनाना किसी भी सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण होता है.
कांग्रेस की रणनीति-लाखों किसानों को जोड़ेंगे
जीतू पटवारी ने कहा कि यह महापंचायत देश की राजधानियों से शुरू होकर जिलों तक पहुंचेगी. कांग्रेस इसे किसानों की आय, एमएसपी की कानूनी गारंटी और कृषि लागत के मुद्दों से जोड़ रही है. पार्टी का दावा है कि लाखों किसान इसमें शामिल होंगे. कांग्रेस नेतृत्व इसे राष्ट्रीय स्तर पर किसान संवाद का मंच बना रहा है.
सरकार उपलब्धियां गिना रही, विपक्ष सवाल खड़े कर रहा
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार किसान मुद्दा हमेशा से मध्यप्रदेश की राजनीति का केंद्र रहा है. सिंचाई, समर्थन मूल्य और फसल बीमा जैसे विषय चुनावी विमर्श को प्रभावित करते रहे हैं. ऐसे में महापंचायत केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि व्यापक राजनीतिक संदेश का हिस्सा मानी जा रही है. भाजपा सरकार अपने विकास कार्यों को सामने रख रही है, जबकि कांग्रेस आर्थिक नीतियों पर सवाल उठा रही है. भोपाल की महापंचायत से पहले दोनों दलों ने अपनी-अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है. एक ओर सरकार उपलब्धियों का हवाला दे रही है, दूसरी ओर विपक्ष नीति और प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े कर रहा है. आने वाले दिनों में यह टकराव राज्य की राजनीति को नई दिशा दे सकता है.
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सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें
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