7 साल का बच्चा खेलते वक्त निगल गया पेंसिल, डॉक्टर्स ने कड़ी मशक्कत से बचाई जान, ऐसा करना बेहद खतरनाक

Last Updated:

Child Swallows Pencil: गुजरात के मेहसाणा में एक 7 साल का बच्चा खेलते समय पेंसिल निगल गया. इस पेंसिल की लंबाई करीब 5 सेंटीमीटर थी और वह पाचन तंत्र में फंस गई. सर्जरी के बाद डॉक्टर्स ने बच्चे के पेट से पेंसिल निकालकर उसकी जान बचा ली. डॉक्टर्स की मानें तो पैरेंट्स को बच्चों पर विशेष ध्यान रखना चाहिए और अगर बच्चा कोई चीज निगल ले, तो जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल में ले जाना चाहिए, ताकि उसकी जान बचाई जा सके.

ख़बरें फटाफट

Zoom

बच्चे अगर पेंसिल निगल लें, तो इससे खाने की नली में इंजरी हो सकती है.

Pencil Swallowing Incident in Mehsana: बच्चे कई बार खेल-खेल में ऐसी चीजें निगल जाते हैं, जो उनके लिए खतरनाक हो सकती हैं. गुजरात के मेहसाणा जिले से एक ऐसा ही मामला सामने आया है. यहां 7 साल का एक बच्चा खेलते वक्त पेंसिल निगल गया, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई. इसके बाद परिजन आनन-फानन में उसे अस्पताल ले गए. स्कैन में पता चला है कि एक पेंसिल उसके पेट में फंसी हुई है. इसके बाद डॉक्टर्स ने कड़ी मशक्कत के बाद उसकी जान बचाई और पेंसिल को बाहर निकाला. ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, बल्कि अब तक पेंसिल निगलने के कई मामले सामने आ चुके हैं.

लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल के इमरजेंसी हेड डॉ. लोकेंद्र गुप्ता ने News18 को बताया कि पेंसिल जैसी लंबी और नुकीली चीज निगलना बच्चों के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है. यह गले, खाने की नली यानी इसोफेगस या पेट की अंदरूनी परत को चोट पहुंचा सकती है. अगर ये गले में फंस जाए, तो सांस रुक सकती है और ब्लीडिंग भी हो सकती है. कई मामलों में ऐसी वस्तुएं आंतों में छेद तक कर सकती हैं, जो जानलेवा स्थिति बन सकती है. पेंसिल, पेन, सिक्के, बटन बैटरी, छोटे खिलौने या कंचे जैसी चीजें निगलना कॉमन, लेकिन खतरनाक कंडीशन हैं. खासकर नुकीली या बैटरी जैसी वस्तुएं शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

डॉक्टर ने बताया कि सबसे पहले तो स्कैन के जरिए यह देखा जाता है कि पेंसिल या कोई भी चीज शरीर में कहां फंसी हुई है. इसके बाद एंडोस्कोपी प्रक्रिया के जरिए अधिकतर चीजों को सावधानीपूर्वक बाहर निकाला जाता है. रेयर मामलों में सर्जरी करने की जरूरत भी पड़ सकती है. अगर बच्चा कोई वस्तु निगल ले तो उसे उल्टी कराने की कोशिश न करें और न ही खुद से कुछ निकालने का प्रयास करें. तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाएं. अगर बच्चे को सांस लेने में दिक्कत, लगातार खांसी, सीने में दर्द, उल्टी या पेट दर्द हो तो इसे आपात स्थिति मानें. जितनी जल्दी इलाज मिलेगा, जोखिम उतना कम होगा.

एक्सपर्ट की मानें तो बच्चों में ऐसी घटनाएं अक्सर इसलिए होती हैं, क्योंकि वे छोटी या लंबी वस्तुओं को मुंह में डालने की आदत रखते हैं. यह घटना माता-पिता और अभिभावकों के लिए एक चेतावनी है. बच्चों के आसपास छोटी या नुकीली वस्तुएं न छोड़ें और उन्हें समझाएं कि ऐसी चीजें मुंह में डालना खतरनाक हो सकता है. थोड़ी-सी सावधानी बड़े हादसे को टाल सकती है. बच्चों की सुरक्षा के लिए सतर्कता और जागरुकता ही सबसे बड़ा बचाव है.

About the Author

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *