पुलिस अफसर से ड्रग लॉर्ड तक! कौन था एल मेंचो, जिसकी मौत ने मेक्सिको को गृहयुद्ध की आग में झोंका, US का क्या रोल?

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मेक्सिको के सबसे कुख्यात ड्रग लॉर्ड एल मेंचो की जलिस्को में सैन्य ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई. मुठभेड़ में वह घायल हुआ और हेलीकॉप्टर से ले जाते समय दम तोड़ दिया. उसकी मौत के बाद CJNG गैंग ने कई राज्यों में सड़कों पर आगजनी, गोलीबारी की और अफरातफरी मचा दी.

मेक्सिको में रविवार को एक ऐसी घटना हुई, जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया. जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (CJNG) का सरगना और मेक्सिको का सबसे खूंखार ड्रग माफिया नेमेसियो ओसेगुएरा सर्वांटेस, जिसे दुनिया ‘एल मेंचो’ के नाम से जानती है, वह एक सैन्य ऑपरेशन में मारा गया. घायल होने के बाद उसे हेलीकॉप्टर से अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन उसकी मौत हो गई. उसके मरने के बाद सड़कों पर आगजनी हुई, खुलेआम गोलियां चलीं और आम लोगों में दहशत फैल गई. आइए जानें कि एल मेंचो कौन था और वह 136 करोड़ रुपये का इनामी कैसे बन गया?

एल मेंचो 17 जुलाई 1966 को एक गरीब परिवार में पैदा हुआ था. परिवार की आय का प्रमुख स्रोत एवोकाडो की खेती था. वह सिर्फ पांवीं क्लास तक पढ़ा था. 14 साल की उम्र से ही मारिजुआना के खेतों की रखवाली करने लगा. 1980s में वह अवैध रूप से अमेरिका चला गया, जहां सैन फ्रांसिस्को बे एरिया में बस गया. वहां कई फर्जी नामों से काम किया, लेकिन ड्रग्स से जुड़े मामलों में पकड़ा गया. 1992 में हेरोइन बेचने के आरोप में तीन साल की सजा काटी और फिर डिपोर्ट होकर मेक्सिको लौटा.

मेक्सिको लौटने के बाद उसने जलिस्को राज्य के छोटे शहरों काबो कोरिएंटेस और तोमाट्लान में लोकल पुलिस अधिकारी के रूप में काम किया. यह उसकी जिंदगी का एक अहम मोड़ था, क्योंकि पुलिस की नौकरी ने उसे कानून व्यवस्था की कमजोरियों, घूस सिस्टम और सिक्योरिटी ऑपरेशंस के बारे में अंदरूनी जानकारी दी. लेकिन वह ज्यादा समय पुलिस में नहीं रहा. जल्द ही नौकरी छोड़कर ड्रग ट्रैफिकिंग में पूरी तरह उतर गया. पहले मिलेनियो कार्टेल में शामिल हुआ, जहां उसने हिटमैन, बॉडीगार्ड और एनफोर्सर के रूप में काम किया. 2009-2010 के आसपास मिलेनियो कार्टेल में फूट पड़ने पर उसने अपना अलग ग्रुप बनाया जिसका नाम था- जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (CJNG).

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CJNG को एल मेंचो ने मेक्सिको का सबसे हिंसक और शक्तिशाली कार्टेल बना दिया. उसने कोकेन, हीरोइन, मेथामफेटामाइन और खासकर फेंटनिल की बड़े पैमाने पर तस्करी शुरू की. CJNG ने अमेरिका, यूरोप, एशिया और अफ्रीका तक अपना नेटवर्क फैलाया. उसकी कमान में कार्टेल ने राइवल्स जैसे लॉस जेटास और नाइट्स टेम्पलर पर खूनी युद्ध छेड़ा. 2015 में सबसे खतरनाक घटना हुई जब CJNG ने मेक्सिकन आर्मी के हेलीकॉप्टर को RPG से गिरा दिया, जिसमें 9 सैनिक मारे गए. उसी साल ऑपरेशन जलिस्को में पुलिस पर हमले, बसें और बैंक जलाने जैसे कांड किए.

अमेरिकी सरकार ने उसे टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन घोषित किया और 15 मिलियन डॉलर का इनाम रखा. एल मेंचो कई बार मौत के मुंह से बच निकला. 2012 में टोनाया रेड में CJNG ने 37 वाहनों से रास्ता ब्लॉक कर उसे भागने दिया. 2015 में ओकोटलान और सैन सेबेस्टियन में पुलिस एम्बुश के दौरान भी बच गया. वह पहाड़ों और ग्रामीण इलाकों में छिपता था, जहां हजारों भाड़े के सैनिक उसकी सुरक्षा करते थे.

22 फरवरी 2026 को उसकी किस्मत ने हमेशा की तरह साथ नहीं दिया. मेक्सिकन आर्मी के स्पेशल फोर्सेस, नेशनल गार्ड और एयर फोर्स ने तापाल्पा में ऑपरेशन चलाया. नेशनल इंटेलिजेंस सेंटर और FEMDO की इंटेलिजेंस पर आधारित यह रेड था, जिसमें अमेरिका ने भी सपोर्ट दिया. रेड में CJNG के 4 से ज्यादा लड़ाके मारे गए, 3 सैनिक घायल हुए. एल मेंचो घायल हो गया और हेलीकॉप्टर में मौत हो गई.

एल मेंचो की मौत की खबर फैलते ही उसके समर्थकों ने कई जगह हिंसा शुरू कर दी. 20 से ज्यादा सड़कों पर जलती गाड़ियां खड़ी कर दी गईं. दुकानों और बसों को आग लगा दी गई. ग्वाडालाहारा और प्यूर्टो वैलार्टा जैसे शहरों में दहशत फैल गई. प्यूर्टो वैलार्टा एक बड़ा पर्यटन स्थल है, जहां हजारों विदेशी पर्यटक फंस गए. कई एयरलाइंस ने अपनी उड़ानें रद्द कर दीं. जलिस्को के गवर्नर ने ‘कोड रेड’ जारी कर लोगों से घरों में रहने को कहा. अमेरिका और भारतीय दूतावास ने भी अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी.

एल मेंचो की मौत सरकार के लिए यह बड़ी सफलता मानी जा रही है. लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि कहानी यहीं खत्म नहीं होगी. अक्सर ऐसा होता है कि किसी बड़े गैंग लीडर के मारे जाने के बाद गैंग कई हिस्सों में बंट जाता है और आपसी लड़ाई शुरू हो जाती है. इससे हिंसा और बढ़ सकती है.

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