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एक वायरल वीडियो में डॉक्टर ने Gemini AI से वेंटिलेटर पर मौजूद मरीज के इलाज की सलाह मांगी. AI ने सेकंड्स में दवाओं और गाइडलाइंस का जवाब दिया, जिसके बाद मेडिकल जगत में नई बहस शुरू हो गई.
फोटो: AI.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते असर को लेकर पहले से ही नौकरी और प्रोफेशन पर बहस चल रही है. अब ये चर्चा मेडिकल दुनिया तक पहुंच गई है. एक वायरल वीडियो ने डॉक्टरों के बीच नई बहस छेड़ दी है कि क्या AI भविष्य में इलाज के फैसलों को प्रभावित कर सकता है.
ये वीडियो डॉक्टर मनीष तनेजा ने सोशल मीडिया पर शेयर किया. इसमें वह गूगल के AI टूल जेमीनी के वॉइस-बेस्ड एजेंट को एक असली सड़क हादसे का केस बताते हैं और क्लिनिकल गाइडेंस मांगते हैं.
वीडियो में डॉक्टर बताते हैं कि 42 साल का एक व्यक्ति गंभीर सड़क दुर्घटना के बाद सिर में चोट के साथ कई दिनों से वेंटिलेटर पर है. मरीज को बुखार है, ऑक्सीजन की जरूरत बढ़ गई है और चेस्ट एक्स-रे में नए शैडो दिखाई दे रहे हैं.
AI एजेंट ने शांत तरीके से जवाब दिया कि ये लक्षण ‘वेंटिलेटर-असोसिएटेड निमोनिया’ (Ventilator-Associated Pneumonia) की ओर इशारा कर सकते हैं. यह फेफड़ों का संक्रमण होता है, जो लंबे समय तक वेंटिलेटर पर रहने वाले मरीजों में हो सकता है. AI ने बुखार, एक्स-रे में बदलाव, बढ़ते इंफेक्शन मार्कर और ऑक्सीजन की जरूरत को जोड़कर अपनी बात समझाई.
AI ने बता डाला दवाइयों के नाम और डोज़
बात यहीं नहीं रुकी. डॉक्टर ने लैब रिपोर्ट शेयर की, जिसमें दवा-प्रतिरोधी बैक्टीरिया मिलने की जानकारी थी. उन्होंने पूछा कि अंतरराष्ट्रीय गाइडलाइंस के अनुसार कौन-सी दवाएं दी जानी चाहिए. AI ने कुछ ही सेकंड में सुझाई गई दवाओं के नाम, विकल्प और डोज तक बता दी.
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