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जैसे ही नाम ड्रग्स की काली दुनिया का आता है, सबसे पहले दिमाग में नाम पाब्लो एमिलियो एस्कोबार गाविरिया का आता है. ये वो अपराधी था, जो महज 44 साल की उम्र में ऐसे-ऐसे कांड कर गया कि दुनिया के कुख्यात अपराधियों में उसका नाम शुमार हो गया. कहते हैं कि उसने नशे के धंधे से इतने पैसे कमा लिए थे कि एक बार उसने पूरे कोलंबिया के कर्जे को उतारने का प्रस्ताव रख दिया.
ड्रग लॉर्ड पाब्लो एस्कोबार. (AI Generated)
नशे के धंधे का सबसे कुख्यात नाम है – पाब्लो एमिलियो एस्कोबार गाविरिया. इस माफिया की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है. एल मेंचो के एनकाउंटर के साथ ही एक बार फिर पाब्लो की कहानी चर्चा में आ जाती है, जिसे कोकेन का राजा कहा जाता था. आधुनिक इतिहास के इस सबसे कुख्यात अपराधी का जन्म 1 दिसंबर, 1949 को कोलंबिया के रियोनेग्रो में एक किसान और स्कूल टीचर मां के घर में हुआ. एस्कोबार मेदेलिन के उपनगरीय इलाकों में गरीबी में पला-बढ़ा लेकिन उसने नशे के धंधे से आगे चलकर इतनी दौलत कमाई कि दुनिया के सातवें सबसे अमीर लोगों में उसका नाम शुमार हो गया.
1980 के दशक में पाब्लो में मेदेलिन कार्टेल को वैश्विक साम्राज्य में बदल दिया, जो दुनिया के 80 फीसदी तक कोकेन आपूर्ति को नियंत्रित करता था. उसने अपनी छवि रॉबिनहुड की बना रखी थी. वो क्रूर हिंसा, असाधारण धन और राजनीतिक महत्वाकांक्षा का मिला-जुला रूप था. फोर्ब्स ने उसे 1989 में दुनिया का सातवां सबसे अमीर व्यक्ति बनाया था, जिसकी कुल संपत्ति उस वक्त $25-30 बिलियन थी. जब वो अपने चरम पर था, तब हर हफ्ते $420 मिलियन कमा रहा था.
कोलंबिया का सबसे बड़ा खलनायक बना पाब्लो
पाब्लो जब अपने चरम पर था, तो उसने हजारों लोगों को मारा. मरने वालों में जज, नेता, पुलिस अधिकारी और आम नागरिक,सब शामिल थे. वो पैसे कमाने के बाद राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं पालने लगा और तब वो बना कोलंबिया का सबसे बड़ा खलनायक. दरअसल एस्कोबार जब राजनीति में आना चाहता था तो तत्कालीन न्याय मंत्री रोड्रिगो लारा बोनीला की ने उसकी निंदा की. बदले में उन्हें कांग्रेस से इस्तीफा देना पड़ा और उसके तुरंत बाद 1984 में लारा की हत्या हो गई. इतना ही नहीं 1989 में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार लुइस कार्लोस गलान की हत्या हुई और इसके पीछे जिम्मेदार था एस्कोबार.
पाब्लो की मौत पर इकट्ठा हुआ था शहर. (Credit-Reuters)
- अमेरिका के साथ प्रत्यर्पण संधियों के पीछे पड़ने के बाद उन्होंने सरकार पर पूर्ण युद्ध घोषित कर दिया, शॉपिंग सेंटरों, एयरलाइनों पर हमला किया. 1989 का एवियांका फ्लाइट 203 बम विस्फोट जिसमें 107 लोग मारे गए इसी का हिस्सा था और सरकारी इमारतों पर बमबारी की.
- इस नारकोटेररिज्म चरण ने पाब्लो को कोलंबिया का दुश्मन नंबर 1 बना दिया. इसी दौरान उसने एक नई चाल चली और एस्कोबार ने गरीब समुदायों में लाखों निवेश करके रॉबिन हुड की छवि बनाई, मेदेलिन की झुग्गी-झोपड़ियों में सॉकर फील्ड, अस्पताल और आवास परियोजनाएं बनाईं. इसकी वजह से उसे निचले वर्ग से कट्टर वफादारी मिली.
पैसे को बना दिया हाथ की मैल
एस्कोबार का जीवन असंगत चरम सीमाओं से भरा था जो उनकी चालाकी, असाधारण खर्च और क्रूरता को उजागर करता है. एस्कोबार ने पैसे कमाने की शुरुआत 1960 और 1970 के शुरुआती दशक में कब्रिस्तानों से कब्र के पत्थर चुराकर, उन पर लिखे शिलालेखों को सैंडब्लास्ट करके नए के रूप में बेचकर धंधा किया. उसने हाई स्कूल डिप्लोमा, रिपोर्ट कार्ड और लॉटरी टिकट भी जाली बनाए, स्टीरियो इंस्ट्रूमेंट और सिगरेट की तस्करी की. 1970 के दशक तक वो ड्रग्स की तस्करी के धंधे में उतर गया.
44 साल की उम्र में पाब्लो ने कमाई बेतहाशा दौलत. (Credit- Reuters)
- अपने चरम पर कार्टेल प्रति सप्ताह $420 मिलियन कमा रहा था और सालाना $21 बिलियन से भी ज्यादा. एस्कोबार अपनी नकदी के ढेरों को बांधने के लिए केवल रबर बैंड पर ही प्रति माह $2,500 खर्च करता था.
- उसने खेतों और गोदामों में अरबों दफनाए, उसेके भाई रॉबर्टो ने अनुमान लगाया कि प्रति वर्ष 10 फीसदी रकम चूहों, फफूंदी या जगह भूल जाने से खो जाती थी.
- एक कुख्यात घटना में 1992-93 में भागते समय, पाब्लो ने अपनी बेटी मैनुएला को पहाड़ों में छिपे हुए गर्म रखने के लिए $2 मिलियन नकद जलाकर ताप लिए थे.
- 1980 के अंत में प्रत्यर्पण के डर के बीच, एस्कोबार ने अमेरिका को प्रत्यर्पण न करने के बदले कोलंबिया के पूरे $10 बिलियन विदेशी ऋण का भुगतान करने का प्रस्ताव दिया. सरकार ने इसे अस्वीकार कर दिया लेकिन इससे उसका दुस्साहसिकता और यहीं से उसके अंत की शुरुआत हो गया.
कैसे हुआ पाब्लो एस्कोबार का अंत?
1993 तक पाब्लो एस्कोबार का बुरा वक्त आ चुका था. जुलाई, 1992 में ला कैटेड्रल से भागने के बाद वे 16 महीनों तक फरार रहा, कोलंबियाई नेशनल पुलिस के एलीट सर्च ब्लॉक की ओर से उसका शिकार किया गया, जिसमें अमेरिकी DEA, CIA और डेल्टा फोर्स की खुफिया जानकारी की मदद थी. पाब्लो के प्रतिद्वंद्वी ड्रग कार्टेल कैली कार्टेल और विजिलेंट ग्रुप लोस पेपेस ने भी उसका पीछा किया. पहले तो उसके साथियों को मारा गया और उसकी संपत्तियों पर बमबारी की गई. विजिलेंट ग्रुप लोस पेपेस ने अकेले 300 से ज्यादा एस्कोबार के सहयोगियों को क्रूरता से मार डाला. एस्कोबार इस वक्त अपने बॉडीगार्ड अलवारो डी जेसूस के साथ मेदेलिन के उन्हीं इलाकों में घूमता रहा, जहां उसने रॉबिनहुड बनकर घर और सॉकर स्टेडियम बनवाए थे.
पाब्लो ने रॉबिनहुड की इमेज बनाई थी. (Credit- Reuters)
- 1 दिसंबर, 1993 को उसने अपना 44वां जन्मदिन चुपचाप केक, वाइन और ड्रग्स के साथ मनाया. इसके बाद अगले दिन 2 दिसंबर, 1993 को उसकी जिंदगी का आखिरी दिन साबित हुए. मेदेलिन के लोस ओलिवोस इलाके में छिपे एस्कोबार ने अपने बेटे जुआन पाब्लो से 5 मिनट तक फोन पर बात की. बस इसी कॉल ने कोलंबियाई अधिकारियों को अमेरिकी रेडियो ट्रायंगुलेशन तकनीक का उपयोग करके उसकी लोकेशन पता चलवा दी.
- दोपहर करीब 3 बजे, 500 से अधिक सर्च ब्लॉक अधिकारियों ने घर पर धावा बोला. एस्कोबार और बॉडीगार्ड लिमोन छत पर नंगे पैर ही भागे. लिमोन पहले कवर प्रदान करते हुए मारा गया और फिर एस्कोबार को तीन गोलियां लगीं. एक पैर में, एक ऊपरी पीठ में और तीसरी दाहिने कान से दूसरे तरफ निकलते हुए गई. वो वहीं ढेर हो गया.
- एस्कोबार के शरीर का पोस्टमॉर्टम किया गया, जिसमें सिर की चोट को मौत का कारण बताया गया. ये ऑपरेशन कोलंबिया और अमेरिका के लिए जश्न था. मेदेलिन में बड़ी भीड़ उसके अंतिम संस्कार में इकट्ठा हुई. हालांकि कोलंबिया के ड्रग युद्ध आगे भी जारी रहे लेकिन एस्कोबार का पतन उस युग का अंत था, जब ड्रग्स ने एक पूरे देश को बंधक बना लिया था.
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News18 में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…और पढ़ें
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