हरे चने का सुपरहिट व्यंजन! बिरहुला से भरें विंध्य की रसोई में स्वाद और सेहत

Food Story :  विंध्य क्षेत्र का बघेलखंड की बघेली बोली पूरे प्रदेश में अलग ही पहचान रखती है. जब आप यहां जाएंगे तो आपको बघेली व्यंजन से रूबरू होने का मौका मिलेगा, जिसका सोंधा स्वाद आतिथ्य का प्रतीक है. यह क्षेत्र की गिनती मध्यप्रदेश के सबसे सुंदर जगहों में होती है. यह एक ऐसी जगह है, जिसे अपनी संस्कृति, परंपराओं और खासकर बोली के लिए पहचाना जाता है.

विंध्य क्षेत्र का बघेलखंड की बघेली बोली पूरे प्रदेश में अलग ही पहचान रखती है. जब आप यहां जाएंगे तो आपको विंध्य की लोक परंपरा और संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिलेगा. खासकर यहां के बघेली व्यंजन का अनोखा स्वाद लोगों को कभी नहीं भूलता है, उन्हीं में से एक है जाती हुई ठंड के मौसम में बनने वाली हरे चने की सब्जी जिसे बिरहुला कहा जाता है.

गांव में हरे चने का बिरहुला का स्वाद ही अलग
रीवा की इस हरे चने की सब्जी का खास स्वाद सभी तरह की सब्जियों से अलग होता है. लोग कहते हैं कि खासकर गांव में हरे चने का बिरहुला का स्वाद ही अलग होता है. खेत से ताजा चने को  लाकर इसे ताजा बनाने से इसका स्वाद और भी बेहतर हो जाता है. साथ ही, बिरहुला के स्वाद को लहसुन, हरा धनिए और मसालों का तड़का और भी ज्यादा स्वादिष्ट और सेहतमंद बना देता है. विंध्य क्षेत्र की हरे चने की ये सब्जी न केवल स्वाद में लाजवाब होती है, बल्कि यह ज्वाइंट सीजन में एक बेहतरीन और पौष्टिक व्यंजन साबित होती है. इस रेसिपी को आप आसानी से अपने घर पर बना सकते हैं और परिवार के सभी सदस्य इसका आनंद ले सकते हैं.

हरे चने की बनने वाली सब्जीे बिरहुला की रेसिपी
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में हरे चने आते ही घर-घर में हरे चने की ये सब्जी बनाई जाती है. यह न केवल एक पारंपरिक व्यंजन है, बल्कि इसकी खासियत उसका स्वाद भी है जो हर किसी को लुभाता है. खासकर जब यह ताजे चने को खेतों से लाकर बनाई जाती है, तो इसका स्वाद और भी अधिक लाजवाब हो जाता है. आज हम आपको रीवा की इस प्रसिद्ध डिश हरे चने की बनने वाली सब्जीे बिरहुला की रेसिपी के बारे में बताएंगे, जिसे आप आसानी से अपने घर पर बना सकते हैं.

ताजे हरे चने  (छीले हुए) एक बड़ी
कटोरी

आधी कटोरी दरदरा पिसा हुआ हरा चना

7-8- चम्मच सरसों तेल

आधा चम्मच- जीरा

एक चम्मच धनिया पाउडर

एक चम्मच हल्दी पाउडर

एक चम्मच गरम मसाला

एक टी स्पून- अदरक- लहसुन का पेस्ट

दो टी स्पून-.हरी मिर्च धनिए का पेस्ट

प्याज का पेस्ट – एक कटोरी

टमाटर का पेस्ट- कटोरी

नमक स्वादानुसार

पानी ग्रेवी की जरूरत अनुसार.

अब एक लोहे की कढ़ाई गैस पर हाई फ्लेम में रखें. उसमें 7-8 चम्मच तेल डालें और तेल गर्म होने के बाद जीरा का तड़का लगाएं. प्याज का पेस्ट डालकर सुनहरा होने तक भुने. फिर अदरक लहसुन का पेस्ट डालकर अच्छी तरह चलाते हुए भूने, उसके हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, गरम मसाले डालकर भुने. मसालों को अच्छी तरह से भूनने दें ताकि इसका स्वाद पूरी तरह से घुल जाए.

अब टमाटर का पेस्ट कढ़ाई में डालें और इसे अच्छे से मिला लें बर्तन छोड़नत तक भुन लें, फिर हरे चने डालकर भुने, अब
पानी डालकर दरदरा पिसा हुआ हरा चना भी मिला दें. ढक्कन बंद कर इसे कुछ देर पकने दें, जब तक चने में उबाल आकर पूरी तरह से गाढ़ी न हो जाए. आखिर में हरे धनिए और हरी मिर्च का पेस्ट डालकर दो मिनट और पकाए और गैस बंद कर दें.

आपकी हरे चने की सब्जी यानि स्वादिष्ट बिरहुला बनाकर तैयार हो चुकी है. इसे विंध्य क्षेत्र में बनने वाली बेर्री की रोटी, पोई रोटियों, पनहथी रोटी या चावल के साथ गरमा-गर्म परोसें. इस बिरहुला का स्वाद तब और भी बढ़ जाता है जब इसे अमरुद की चटनी, आंवले का अचार, हरी मिर्च और मूली के साथ खाया जाए.

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