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Why Popping Pimple Feels Good: चेहर पर पिंपल निकलना किसी को भी नहीं पसंद होता है. पर कुछ लोगों को इन्हें फोड़ने में बहुत सुकून महसूस होता है. क्या आप भी इसमें शामिल हैं? पिंपल को फोड़ना नहीं चाहिए लेकिन आप खुद को रोक ही नहीं पाते हैं? तो यहां इसके पीछे की साइकोलॉजी जान लीजिए.
Pimple Fodne Chahiye Ya Nahi: सोशल मीडिया पर आपने कई स्किन एक्सपर्ट को ये कहते सुना होगा कि पिंपल नहीं फोड़ना चाहिए, या तक कि उसे बार-बार टच भी नहीं करना चाहिए. लेकिन कोई ये नहीं बताता है कि खुद को पिंपल फोड़ने से रोक क्यों नहीं पाते हैं, मुहांसे को फोड़कर राहत क्यों महसूस होती है? यदि आपभी इसका जवाब जानना चाहते हैं, तो ये लेख आपके लिए है. यहां आप पिंपल के बनने से लेकर इसे फोड़ने पर मिलने वाली खुशी का असली कारण जानेंगे.
पिंपल क्यों होता है?
पिंपल या मुहांसों का होना आपके स्किन टाइप पर बहुत ज्यादा निर्भर करता है. जैसे कि ऑयली स्किन वालों को बहुत कम पिंपल होते हैं. वहीं, ड्राई या इन दोनों के बीच के टाइप वाले स्किन पर मुहांसे ज्यादा निकलते हैं. कारण होता है, त्वचा की तेल ग्रंथियों का ब्लॉक होना या इसमें बैक्टीरिया का जमा होना. हालांकि ज्यादातर पिंपल खतरनाक नहीं होते हैं, लेकिन इन्हें फोड़ने से इंफेक्शन औऱ दर्द, दाग-धब्बों के होने का खतरा होता है.
खुद को पिंपल फोड़ने से क्यों नहीं रोक पाते?
कुछ लोगों को पिंपल फोड़ने से घिन आती हैं, तो वहीं कुछ लोगों को इससे सुकून का अहसास होता है. इस कैटेगरी में वो लोग भी शामिल हैं, जिन्हें दूसरों को पिंपल फोड़ते देखने में अच्छा महसूस होता है, भले ही वो अपने पिंपल्स को न फोड़ते हैं. इसके पीछे एक साइकलोजिकल कारण है.
स्टडी में सामने आया कारण
पिंपल को फोड़ने से मिलनी वाली खुशी के पीछे के कारण को समझने के लिए ऑस्ट्रिया की यूनिवर्सिटी ऑफ ग्राज के वैज्ञानिकों ने 80 लोगों पर रिसर्च किया. 2021 में “Behavioural Brain Research” जर्नल में प्रकाशित इस स्टडी के अनुसार, स्टडी में भाग लेने वाले लोगों के दिमाग की गतिविधि fMRI मशीन से मापी. नतीजे में पाया गया कि जिन्हें ऐसे वीडियो पसंद थे, उनमें वे अपनी घिन की भावना को बेहतर तरीके से संभाल पाते थे. ऐसे लोग इनाम के प्रति ज्यादा सक्रिय थे.
पिंपल फोड़ने से हैप्पी हार्मोन रिलीज होता है
दिमाग के दो हिस्से खास भूमिका निभाते हैं, पहला- न्यूक्लियस अक्यूम्बेंस, जो खुशी और इनाम से जुड़ा है, और दूसरा- इंसुला, जो घिन से जुड़ा है. पिंपल फोड़ने के शौकीनों में इन दोनों हिस्सों के बीच बेहतर तालमेल पाया गया. ऐसे लोग जिनमें पिंपल को फोड़ने की उत्सुकता होती है और इससे खुशी मिलता है उनमें न्यूक्लियस अक्यूम्बेंस ज्यादा एक्टिव होता है. ऐसे में जितने पार वो पिंपल को फोड़ते हैं उनका ब्रेन डोपामाइन हैप्पी हार्मोन रिलीज करता है, जिससे खुशी का अहसास होता है.
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शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें