इंदौर झड़प के बाद दिल छू लेने वाली तस्वीर! घायल BJP नेत्री से मिले कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े

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इंदौर में कांग्रेस भवन के सामने हुई पत्थरबाजी में घायल भाजपा नेत्री बिंदु चौहान का हालचाल जानने कांग्रेस जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े CHL अस्पताल पहुंचे. दोनों ही नेता इस घटना में घायल हुए थे और उनका इलाज जारी है. अस्पताल में हुई यह मुलाकात राजनीतिक मतभेदों के बीच मानवीय संवेदना का संदेश देती है.

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इंदौर में हुई हिंसक झड़प और पथराव में घायल भाजपा नेत्री और कांग्रेस जिला अध्‍यक्ष की मुलाकात ने राजनीति की नई तस्‍वीर दिखाई है.

मिथिलेश गुप्‍ता
इंदौर.
शहर में कांग्रेस भवन के सामने हुई पत्थरबाजी की घटना के बाद सियासी माहौल भले ही गरम रहा हो, लेकिन CHL अस्पताल में सामने आई तस्वीर ने राजनीतिक संवाद की नई संभावना दिखा दी. भाजपा मंडल उपाध्यक्ष बिंदु चौहान, जो इस घटना में घायल हुई थीं, उनका हालचाल जानने कांग्रेस जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े स्वयं अस्पताल पहुंचे. खास बात यह रही कि विपिन वानखेड़े भी इसी झड़प में चोटिल हुए थे और उनका इलाज भी वहीं चल रहा है. राजनीतिक मतभेदों के बीच यह मुलाकात संवेदनशीलता और लोकतांत्रिक परिपक्वता का संकेत मानी जा रही है. इंदौर की यह घटना सियासी तनाव के बीच सौहार्द का संदेश देती है. अस्पताल में हुई मुलाकात ने संकेत दिया कि असहमति के बावजूद संवाद संभव है. यह तस्वीर शहर की राजनीति में नई शुरुआत का आधार बन सकती है.

घटना के बाद दोनों नेताओं को इलाज के लिए इंदौर के CHL अस्पताल में भर्ती कराया गया था. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कांग्रेस भवन के सामने अचानक तनाव बढ़ा और पत्थरबाजी शुरू हो गई. इस दौरान कई लोग घायल हुए, जिनमें भाजपा की बिंदु चौहान और कांग्रेस के विपिन वानखेड़े भी शामिल थे. अगले दिन अस्पताल में हुई यह मुलाकात राजनीतिक कटुता के बीच मानवीय रिश्तों की अहमियत को रेखांकित करती है. इससे यह संदेश भी गया कि लोकतंत्र में विरोध हो सकता है, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर संवाद और सहानुभूति जरूरी है.

अस्पताल में मुलाकात की अहमियत
अस्पताल में हुई मुलाकात केवल औपचारिकता नहीं मानी जा रही. विपिन वानखेड़े ने बिंदु चौहान के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और जल्द स्वस्थ होने की कामना की. सूत्रों के अनुसार दोनों नेताओं ने घटना पर चिंता जताई और शांति बनाए रखने की अपील की. राजनीतिक विशेषज्ञ इसे सकारात्मक संकेत मान रहे हैं, क्योंकि हाल के समय में सियासी टकराव अक्सर व्यक्तिगत कटुता में बदल जाता है.

सियासत से ऊपर मानवीय पहलू
इस घटनाक्रम ने यह भी दिखाया कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बावजूद मानवीय संवेदनाएं जीवित हैं. दोनों नेता अलग-अलग दलों से जुड़े हैं, लेकिन चोट और स्वास्थ्य के मुद्दे पर उन्होंने एक-दूसरे के प्रति सहानुभूति दिखाई. लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह परिपक्वता आवश्यक मानी जाती है. पुलिस प्रशासन ने कहा है कि घटना की जांच जारी है और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी. दोनों दलों के स्थानीय नेताओं ने भी कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील की है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस घटना से सबक लेकर संवाद की पहल बढ़े, तो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है.

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Sumit verma

सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्‍थानों में सजग जिम्‍मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें

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