बोर्ड परीक्षा में खुलेआम हुई सामूहिक नकल! वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप, व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

सतना में आयोजित हो रहीं कक्षा 5वीं व 8वीं की बोर्ड परीक्षाओं के दौरान परीक्षा केन्द्रों से नकल की जानकारी सामने आने लगी है। जिसने एक बार फिर परीक्षा व …और पढ़ें

Publish Date: Sat, 21 Feb 2026 10:40:57 PM (IST)Updated Date: Sat, 21 Feb 2026 10:40:57 PM (IST)

बोर्ड परीक्षा में खुलेआम हुई सामूहिक नकल!

HighLights

  1. सतना में बोर्ड परीक्षा का बना मजाक
  2. केंद्र पर खुलेआम हुई सामूहिक नकल
  3. मोबाइल प्रतिबंध के दावों की खुली पोल

नईदुनिया प्रतिनिधि, सतना। जिला में आयोजित हो रहीं कक्षा पांचवीं व आठवीं की बोर्ड परीक्षाओं के दौरान परीक्षा केन्द्रों से नकल की जानकारी सामने आने लगी है। जिसने एक बार फिर परीक्षा व्यवस्थाओं व जांच पैनल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल शनिवार को नवीन शिक्षा निकेतन हायर सेकेंडरी स्कूल, डाली बाबा को बनाए गए परीक्षा केंद्र में गणित विषय की परीक्षा के दौरान खुलेआम नकल कराए जाने का मामला सामने आया है और यह केंद्र महारानी लक्ष्मीबाई संकुल के अंतर्गत संचालित होता है।

नियमों की अनदेखी और जिम्मेदारों की मौजूदगी पर सवाल

इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार परीक्षा के दौरान नियमों की अनदेखी करते हुए परीक्षार्थियों को सामूहिक रूप से नकल कराई गई, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल भी हुईं। खास बात यह है कि केंद्र पर केंद्राध्यक्ष के रूप में नत्थूलाल सेन तथा संकुल प्राचार्य की ओर से गठित चार सदस्यीय पैनल पुष्पलता कुशवाहा, क्रांति सिंह बागरी, वंदना सिंह कुशवाहा और रेनू शर्मा की ड्यूटी लगाई गई थी। बताया गया है कि पूरा पैनल परीक्षा अवधि के दौरान केंद्र पर मौजूद रहा, इसके बावजूद नकल की शिकायत सामने आना जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

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प्रतिबंध के बावजूद परीक्षा कक्ष तक पहुंचा मोबाइल

परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन पूर्णत: प्रतिबंधित रहते हैं, इसके बावजूद कथित तौर पर परीक्षा कक्ष की तस्वीरें सामने आई हैं। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि प्रतिबंध के बावजूद मोबाइल अंदर कैसे पहुंचा और निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी रही। इस प्रकार यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो यह न केवल परीक्षा की निष्पक्षता पर आंच है, बल्कि शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

शिक्षा विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी नजरें

अब देखना होगा कि जिला शिक्षा अधिकारी एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारी मामले की जांच कर क्या कार्रवाई करते हैं।

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