Last Updated:
Sadabahar ke Fayde: सदाबहार पौधा डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और संक्रमण जैसी समस्याओं में लाभकारी माना जाता है. इसकी पत्तियों में मौजूद अल्कलॉइड तत्व ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक हो सकते हैं. सदाबहार से प्राप्त विनक्रिस्टीन और विनब्लास्टीन जैसे रसायन कैंसर उपचार में उपयोग किए जाते हैं. यह पौधा घर के गमले में आसानी से उगाया जा सकता है और सालभर फूल देता है. जानिए सदाबहार के फायदे, उपयोग और सेवन से जुड़ी जरूरी सावधानियां.
Diabetes Control Home Remedies: सेहतमंद रहने के लिए हम अक्सर महंगे फल, दवाइयां और सप्लीमेंट्स खरीदते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि आपके घर के गमले में लगा एक छोटा सा पौधा भी कई बीमारियों में काम आ सकता है? जी हां, हम बात कर रहे हैं सदाबहार की, जिसे वैज्ञानिक भाषा में Madagascar Periwinkle कहा जाता है. यह पौधा सालभर फूल देता है और औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है.
हर मौसम में उगने वाला आसान औषधीय पौधा
आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. विपिन सिंह के मुताबिक सदाबहार लगभग हर तरह के मौसम में आसानी से उग जाता है. इसे घर के बगीचे या गमले में लगाया जा सकता है. इसकी पत्तियां, फूल और जड़ तीनों औषधीय उपयोग में लाई जाती हैं. यही वजह है कि इसे घर का ‘नेचुरल हेल्थ प्लांट’ भी कहा जाता है.
डायबिटीज में कैसे करता है मदद?
डॉ. विपिन सिंह बताते हैं कि सदाबहार की पत्तियों में पाए जाने वाले अल्कलॉइड तत्व ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में सहायक माने जाते हैं. कुछ शोधों में यह भी सामने आया है कि यह इंसुलिन स्राव को प्रभावित कर सकता है. हालांकि डायबिटीज के मरीजों को इसे डॉक्टर की सलाह के बाद ही लेना चाहिए, क्योंकि गलत मात्रा नुकसान भी कर सकती है.
ब्लड प्रेशर और संक्रमण में भी फायदेमंद
सदाबहार की पत्तियों और जड़ों का सीमित उपयोग हाई ब्लड प्रेशर में लाभकारी माना जाता है. इसके अलावा इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं, जो संक्रमण से लड़ने में मदद कर सकते हैं. गले की खराश में इसके फूलों का रस पारंपरिक रूप से इस्तेमाल किया जाता है, जबकि इसकी जड़ पाचन तंत्र के लिए टॉनिक की तरह मानी जाती है.
कैंसर रिसर्च में भी उपयोग
सदाबहार से मिलने वाले Vincristine और Vinblastine जैसे रसायन आधुनिक चिकित्सा में कैंसर की दवाओं में उपयोग किए जाते हैं. हालांकि यह उपयोग पूरी तरह चिकित्सा निगरानी में होता है. घर पर इसका प्रयोग बिना सलाह के नहीं करना चाहिए.
सेवन से पहले बरतें सावधानी
परंपरागत रूप से 3-4 पत्तियों या फूलों को उबालकर काढ़ा बनाया जाता है, लेकिन ज्यादा मात्रा हानिकारक हो सकती है. बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. सदाबहार फायदेमंद जरूर है, लेकिन समझदारी और डॉक्टर की सलाह के साथ ही इसका उपयोग करें.
About the Author
Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.