शिवपुरी जिले के करैरा थाना क्षेत्र में साइबर ठगों द्वारा डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन निवेश के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत की गई जांच में खुलासा हुआ है कि करैरा के एक युवक का बैंक खाता ठगी की रकम ट्रांसफर और निकासी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। ऑनलाइन निवेश के नाम पर 4.65 लाख की ठगी समन्वय पोर्टल पर दर्ज शिकायत क्रमांक 31601250002718 में बेंगलुरु (कर्नाटक) की एक महिला ने बताया कि उन्हें ऑनलाइन निवेश का लालच देकर 4 लाख 65 हजार रुपये ठग लिए गए। जांच में पता चला कि ठगी की रकम का एक हिस्सा, 50 हजार रुपये, 6 दिसंबर 2024 को करैरा की स्टेट बैंक शाखा (गांधी रोड) के एक खाते में ट्रांसफर किया गया। इस लेन-देन का यूटीआर नंबर 434189930641 है। बैंक स्टेटमेंट से यह भी सामने आया कि उसी दिन झांसी के खाती बाबा चौराहा स्थित एटीएम से नगद रकम निकाली गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और लोगों से अपील कर रही है कि बिना जांच-पड़ताल किए किसी भी ऑनलाइन निवेश योजना में पैसा न लगाएं। डिजिटल अरेस्ट कर 11,500 रुपए की ठगी दूसरी शिकायत क्रमांक 33112240163133 उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले मंगेश प्रजापति ने दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने उन्हें “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर 11,500 रुपये ठग लिए।जांच में पता चला कि 29 दिसंबर 2024 को उनके पैसे दो हिस्सों में एक बैंक खाते में जमा कराए गए — 8,000 रुपये और 3,500 रुपये। इन लेन-देन के यूटीआर नंबर 364258648056 और 842718843581 हैं। उसी दिन खाते से 10,000 रुपये एटीएम के जरिए निकाल लिए गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है और लोगों से अपील कर रही है कि किसी भी कॉल या मैसेज से डरकर तुरंत पैसे ट्रांसफर न करें। 10 प्रतिशत कमीशन पर दिया था एटीएम खाताधारक ने योगेश ने बताया कि झांसी के रहने वाले दीपक प्रजापति ने उससे संपर्क किया था। दीपक ने कहा था कि उसके बैंक खाते में कुछ पैसे डाले जाएंगे और बदले में उसे 10 प्रतिशत कमीशन मिलेगा। इसके बाद योगेश ने अपना एटीएम कार्ड दीपक को दे दिया। खाते में जो भी रकम आती थी, उसे दीपक ही निकालता था और योगेश को कमीशन के तौर पर नकद पैसे दे देता था। पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों ने मिलकर पहचान छिपाकर ऑनलाइन ठगी की। लोगों के पैसे धोखे से उनके खाते में डलवाए गए और फिर निकाल लिए गए। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319(2), 316(2) और आईटी एक्ट की धारा 66(सी) व 66(डी) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। सुनारी चौकी प्रभारी ने पूरी जांच रिपोर्ट थाना प्रभारी करैरा को सौंप दी है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है और लोगों से अपील कर रही है कि किसी भी लालच में आकर अपना बैंक खाता या एटीएम कार्ड किसी को न दें। .