78 साल की सुषमा मोघे ने किया यूनिवर्सिटी टॉप, जीता गोल्ड मेडल, बीमार पड़ीं पर नहीं छोड़ी परीक्षा

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इंदौर की सुषमा मोघे ने 78 वर्ष की उम्र में देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी टॉप कर गोल्ड मेडल जीता है. मराठी साहित्य में रुचि है, कई किताबों का अनुवाद कर चुकी हैं. उनकी कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा से कम नहीं. जानें सक्सेस स्टोरी…

इंदौर: कहा जाता है सीखने की कोई उम्र नहीं होती. अगर जज्बा हो तो आसमान भी छोटा पड़ता है. इंदौर की सुषमा मोघे ने 78 वर्ष की आयु में MA में देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी टॉप कर गोल्ड मेडल हासिल किया है. उनका कीर्तिमान युवाओं के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं. उन्हें शुरू से ही पढ़ने का शौक था. यही कारण है कि जैसे ही यूनिवर्सिटी ने उम्र की बाधा हटाई तो उन्होंने स्वयं का दाखिला करा लिया. हालांकि उनका यह सफर इतना आसान नहीं था.

लोकल 18 से बातचीत में सुषमा मोघे ने बताया, उनकी शुरू से ही पढ़ाई लिखाई में रुचि रही है. वह अभी हिंदी पुस्तकों का मराठी में अनुवाद करती हैं. अब तक उनकी कई किताबें छप चुकी हैं. तीन वह अभी भी लिख रही हैं. वह केंद्रीय विद्यालय में म्यूजिक की अध्यापिका से सन 2000 में रिटायर हुई थीं. उसके बाद से लगातार वह अध्ययन का काम कर रही हैं. उन्होंने केमिस्ट्री में मास्टर्स भी किया है.

आसान नहीं था‌ सफर
जब उन्हें पता चला कि वह भी दाखिला लेकर पढ़ाई कर सकती हैं तो उन्होंने अपने परिजनों की मदद से ऑनलाइन फॉर्म भरा. परीक्षा के लिए इतना लंबा बैठकर लिखना उनके लिए मुश्किल था इसलिए उन्होंने कई दिनों तक बैठने और लिखने का अभ्यास किया. परीक्षा के दौरान उनकी तबीयत भी खराब हो जाती थी, जिससे 3 घंटे का पेपर उन्हें 2 घंटे में ही छोड़ना पड़ता था. फिर भी वह पीछे नहीं हटीं. इस दौरान उनके परिजनों और कॉलेज के साथियों ने उनका पूरा ध्यान रखा और मदद की. पढ़ाई के लिए वह ऑनलाइन पोते, बहनों और बहू की मदद लेती थीं.

मराठी परिवार से ताल्लुक
मराठी भाषी परिवार से ताल्लुक रखने वाली सुषमा मोघे का रुझान हमेशा से मराठी कविताओं और लेखकों की ओर रहा. उन्होंने एमए के दौरान ज्ञानेश्वरी, तुकाराम गाथा और आधुनिक मराठी साहित्य का गहन अध्ययन किया. जलतरंग, 99 का फेर, आईलेख इत्यादि किताबों का वो अनुवाद भी कर चुकी हैं. सुषमा मोघे का कहना है कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती, जिस भी विषय में लोगों की रुचि है, वह पढ़ सकते हैं. वह अभी अपने आसपास के लोगों को पढ़ाई लिखाई के लिए प्रेरित करती हैं.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

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