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जेईई मेन 2026 रिजल्ट सक्सेस स्टोरी: इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन 2026 के पहले सत्र का परिणाम जारी कर दिया गया है. इसमें छतरपुर के रहने वाले ध्रुव ने सफलता हासिल की है. ध्रुव अभी 12वीं बोर्ड की परीक्षा दे रहे हैं. कैसे उन्होंने पाई सफलता, जानें कहानी…
छतरपुर: जेईई मेन 2026 के पहले सत्र का परिणाम आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया गया है. छतरपुर के धुव्र वर्मा ने शानदार प्रदर्शन कर जिले सहित बुंदेलखंड का नाम रोशन किया है. धुव्र ने किसी बड़े शहर में तैयारी किए बिना यह सफलता पाई है. छतरपुर में रहकर लोकल स्तर पर निजी कोचिंग में पढ़ाई कर जेईई मेन 2026 में सफलता के झंडे गाड़े हैं. ध्रुव ने इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया है. साथ ही स्कूल और कोचिंग (फिजिक्स वाला पाठशाला छतरपुर) के टीचर्स को भी दिया.
छतरपुर के छात्र का सेलेक्शन
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा जेईई मेन 2026 सत्र 1 के परिणाम में छतरपुर के विश्वनाथ कॉलोनी में रहने वाले ध्रुव ने भी सफलता के झंडे गाड़े हैं. सबसे बड़ी बात यह रही कि ध्रुव ने छतरपुर में रहकर जेईई मेन्स की तैयारी की थी. वह पढ़ाई के लिए किसी बड़े शहर में कभी नहीं गए हैं. धुव्र वर्मा ने जेईई मेन 2026 (सेशन-1) में 93.11 पर्सेंटाइल स्कोर किया. खास बात ये कि वह वर्तमान में 12वीं कक्षा के छात्र हैं और इन दिनों उनकी बोर्ड परीक्षा चल रही है. ऐसे समय में जेईई मेन में सेलेक्शन हो जाना उनके लिए बहुत खुशी की बात है. रिजल्ट के बाद से धुव्र की खुशी का ठिकाना नहीं है. फिलहाल, वह अभी पूरा फोकस 12वीं की परीक्षा में लगा रहे हैं.
स्कूल के दौरान ही इंजीनियर बनने का सोचा
ध्रुव ने बताया, मैंने क्रिश्चियन इंग्लिश कॉलेज छतरपुर में नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक पढ़ाई की है. मैंने ICSE Board से स्कूलिंग कंप्लीट की है. स्कूलिंग के दौरान ही टीचर ने क्लीयर कर दिया था कि इंजीनियर और डॉक्टर बनने के लिए कौन सा एग्जाम देना होता है. मुझे इंजीनियर बनना था, इसलिए साइंस स्ट्रीम लिया. स्कूल में ही जेईई-मेन के एंट्रेंस की जानकारी मिल गई थी. इसके बाद फिजिक्स वाला पाठशाला छतरपुर में कोचिंग ज्वाइन कर ली.
परीक्षा की ऐसी तैयारी
ध्रुव बताते हैं कि स्कूलिंग के दौरान ही मुझे ऑनलाइन पढ़ना अच्छा लगता था. जेईई-मेन की तैयारी में सबसे ज्यादा हेल्प ऑनलाइन रिसोर्स ने की है. हालांकि, कोचिंग भी ज्वाइन की. जहां 11th क्लास से लेकर 12th क्लास का पूरा सिलेबस कवर कराया गया. साथ ही बोर्ड एग्जाम की भी तैयारी हो गई. ध्रुव ने बताया, सुबह स्कूल जाना होता था और फिर शाम को 4 से 8 बजे तक कोचिंग होती थी. इसके बाद घर में रिवाइज करता था. अगली सुबह फिर से रिवाइज करता था. टीचर्स हर दिन प्लान देते थे. इस प्लान को पूरी तरह से एग्जीक्यूट करते थे. ध्रुव बताते हैं कि डेली बेसिस पर क्वेश्चन साल्व करना, होमवर्क करना और डाउट सेशन, इसी से मुझे सफलता मिली.
केमिस्ट्री फेवरेट सब्जेक्ट
ध्रुव बताते हैं कि जेईई-मेन एग्जाम में मैथ्स, कैमिस्ट्री और फिजिक्स जैसे सब्जेक्ट होते हैं. इन सब्जेक्ट में मुझे सबसे ज्यादा केमिस्ट्री पढ़ने में मजा आता था, खासकर इसमें आर्गेनिक केमिस्ट्री फेवरेट था. मुझे उम्मीद है कि 100 में से 60 मार्क्स तो इसी में होंगे. वहीं, मैथेमेटिक्स में ज्योमेट्री, एलजेब्रा पार्ट के टॉपिक अच्छे लगते थे. इसमें मेरी अच्छी कमांड थी. फिजिक्स भी अच्छा था.
आईआईटी कानपुर से बीटेक करना सपना
ध्रुव बताते हैं कि मुझे अभी सेकंड अटेम्प्ट भी देना है, उसमें और बेहतर प्रदर्शन करना है. इसके बाद आईआईटी एडवांस भी क्लीयर करना है, क्योंकि मेरा ड्रीम आईआईटी कानपुर से कंप्यूटर साइंस ब्रांच में इंजीनियरिंग करना है. घर में मम्मी-पापा हैं. साथ ही मेरी दो बड़ी बहनें भी हैं.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
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