बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने जम्मू कश्मीर की रणजी में सफलता पर कहा- आज सपना सच हो गया

Mithun Manhas Gave Statement On Jammu and Kashmir Team: भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के वर्तमान अध्यक्ष मिथुन मन्हास जब साल 2021 में जम्मू कश्मीर क्रिकेट संघ (जेकेसीए) के प्रबंधन से जुड़े, तो उन्हें एक ऐसी संस्था में चीजों को ठीक करना पड़ा, जो कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार के आरोपों से जूझ रहा थी. जम्मू कश्मीर की टीम ने बुधवार यानी 18 फरवरी को जब पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जगह बनाई तो मन्हास थोड़ा भावुक हो गए. मन्हास ने पीटीआई से कहा, ‘जब मैंने प्रशासक का पद संभाला था, तब ये इतना आसान नहीं था. बीसीसीआई के तत्कालीन सचिव जय शाह ने मुझे पूरी छूट दी थी और कहा था कि जम्मू कश्मीर की क्रिकेट को पटरी पर लाने के लिए जो भी जरूरी हो, वो करो.’ जम्मू कश्मीर ने कल्याणी में खेले गए रणजी ट्रॉफी के दूसरे सेमीफाइनल में दो बार के पूर्व चैंपियन बंगाल पर छह विकेट से जीत हासिल की.

जम्मू कश्मीर के फाइनल में पहुंचने पर मिथुन मन्हास ने दिया बयान

मिथुन मन्हास ने कहा, ‘मैं टीवी पर मैच देख रहा था. मोहम्मद शमी और आकाश दीप जैसे खिलाड़ियों वाली बंगाल की टीम को हराना बहुत बड़ी उपलब्धि है. मेरे अंदर का क्रिकेटर भावुक है, क्योंकि मैंने अपना प्रथम श्रेणी का करियर वहीं समाप्त किया और राज्य इकाई के साथ भी काम किया.’ टीम के बारे में बात करते हुए मन्हास ने कहा कि वे जानते थे कि जम्मू कश्मीर में प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन वहां एक उचित व्यवस्था की जरूरत है. उन्होंने कहा, ‘मैं ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता को श्रेय देना चाहूंगा, जिन्होंने सराहनीय काम किया है. जब मैंने पद संभाला तो हमने प्रतिभा खोज प्रतियोगिता आयोजित की.’ मन्हास ने बीसीसीआई की उस उप-समिति में अपने सहयोगी का जिक्र किया, जो तब जम्मू कश्मीर क्रिकेट प्रशासन को संभाल रही थी. उन्होंने आगे कहा, ‘बाएं हाथ का तेज गेंदबाज सुनील कुमार उसी प्रतिभा खोज का नतीजा है. दिल्ली में करीब दो दशक खेलने के बाद मुझे पता था कि इस स्तर पर सफल होने के लिए क्या जरूरी है. हमारी क्रिकेट समिति ने ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ बहुत अच्छा काम किया.’

पारस डोगरा को 41 साल की उम्र में खेलना सबसे बड़ा योगदान – मनहास

दिल्ली के दिग्गज खिलाड़ी मिथुन मन्हास ने 157 प्रथम श्रेणी मैचों में 9714 रन बनाए हैं. जेकेसीए में कुप्रबंधन के कारण जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय के निर्देशों पर इस समिति का गठन किया गया था. मन्हास ने कहा कि उनका सबसे बड़ा योगदान शायद पारस डोगरा जैसे घरेलू दिग्गज को 41 साल की उम्र में राज्य के लिए पेशेवर खिलाड़ी के रूप में खेलने के लिए प्रेरित करना था. डोगरा वर्तमान में उस टीम की कप्तानी कर रहे हैं जिसमें मुख्य कोच पूर्व भारतीय खिलाड़ी अजय शर्मा हैं. मन्हास ने कहा, ‘मैंने पारस के साथ और उसके खिलाफ बहुत क्रिकेट खेली है. वो एक शानदार क्रिकेटर और पेशेवर खिलाड़ी है. पारस ने अपनी क्रिकेट हिमाचल प्रदेश में खेली है, जहां की परिस्थितियां जम्मू कश्मीर से काफी मिलती-जुलती हैं.’ उन्होंने कहा, ‘ हमें मध्य क्रम में एक अनुभवी बल्लेबाज की जरूरत थी और पारस ने शानदार प्रदर्शन किया.’

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