₹4.38 लाख करोड़ का मेगा बजट! उद्दोगपतियों के खाते में आई अहम चीजें, वेयरहाउस और कोल्ड स्टोरेज पर भी फोकस

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MP Budget 2026-27 Public Opinion: मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 4,38,317 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है, जिसमें उद्योग और MSME सेक्टर को विशेष प्राथमिकता दी गई है. सरकार ने 19,000 एकड़ में नए इंडस्ट्रियल और आईटी पार्क बनाने की घोषणा की है, जिससे राज्य को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है. लॉजिस्टिक्स लागत कम करने के लिए कारखाने से पोर्ट तक माल ढुलाई पर 50% तक सब्सिडी दी जाएगी, जिसकी सीमा 40 लाख रुपये सालाना तय की गई है. उद्योग संगठनों ने इस बजट का स्वागत करते हुए इसे व्यापार और निवेश के लिए सकारात्मक कदम बताया है. वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज और डिजिटल अपग्रेडेशन पर भी फोकस किया गया है, जिससे एक्सपोर्ट और रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

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MP Budget Logistic Subsidy: मध्य प्रदेश की राजनीति और उद्योग जगत के लिए बड़ा दिन रहा, जब उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 4,38,317 करोड़ रुपये का बजट पेश किया. यह बजट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि “विकसित मध्य प्रदेश” के विजन को जमीन पर उतारने की ठोस तैयारी माना जा रहा है. खास बात यह है कि इस बार उद्योग, MSME और एक्सपोर्ट को खास प्राथमिकता दी गई है.

19,000 एकड़ में बनेंगे नए इंडस्ट्रियल और आईटी पार्क
सरकार ने युवाओं और छोटे उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए अलग-अलग जिलों में 19,000 एकड़ जमीन पर नए इंडस्ट्रियल और आईटी पार्क विकसित करने की घोषणा की है. MSME सेक्टर के लिए विशेष प्रावधान रखे गए हैं, ताकि छोटे उद्योग भी बड़े सपने देख सकें. बजट का साफ मकसद है मध्य प्रदेश को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करना. उद्योग जगत इसे गेम चेंजर मान रहा है.

उद्योग जगत ने बजट को बताया प्रोत्साहन
मध्य प्रदेश इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश मेहता का कहना है कि इस बजट से उद्योगपतियों और व्यापारियों को बड़ा प्रोत्साहन मिला है. सबसे राहत की बात यह है कि कोई नया टैक्स लागू नहीं किया गया. इससे राज्य के उद्योग दूसरे राज्यों से बेहतर प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे. बजट में कोलैटरल-फ्री लोन और डिजिटल अपग्रेडेशन के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान भी शामिल है, जिसे छोटे उद्यमियों के लिए बड़ा सहारा माना जा रहा है.

लॉजिस्टिक्स पर 50% सब्सिडी, एक्सपोर्ट को मिलेगा बूस्ट
मध्य प्रदेश लैंड लॉक्ड राज्य है, ऐसे में माल को समुद्री पोर्ट तक पहुंचाना महंगा पड़ता है. इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने कारखाने से पोर्ट तक माल ढुलाई पर 50% तक सब्सिडी देने का ऐलान किया है. हर इकाई को सालाना अधिकतम 40 लाख रुपये तक की छूट मिलेगी. पीथमपुर औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष गौतम कोठारी के मुताबिक, इससे एक्सपोर्ट लागत कम होगी और राज्य के उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनेंगे.

वेयरहाउस और कोल्ड स्टोरेज पर भी फोकस
सरकार एक्सपोर्ट होने वाले सामान के लिए आधुनिक वेयरहाउस और कोल्ड स्टोरेज चेन के निर्माण पर वित्तीय सहायता और ब्याज सब्सिडी देगी. इससे मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर दोनों को फायदा मिलेगा.

कुल मिलाकर क्या संकेत?
यह बजट साफ तौर पर निवेश, रोजगार और निर्यात बढ़ाने पर केंद्रित है. बिना नया टैक्स लगाए उद्योगों को राहत देना और लॉजिस्टिक्स लागत घटाना, राज्य को औद्योगिक रफ्तार देने की बड़ी कोशिश मानी जा रही है.

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shweta singh

Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें

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