AI Summit: स्वदेशी AI सरवम से घबराए भारत में बड़ा काम रही कंपनी के सीईओ! तारीफ भी की

इलेवनलैब्स दुनिया की एक बड़ी वॉयस एआई कंपनी है, जो इंसानों जैसी आवाज में बोलने वाले AI मॉडल बनाती है. इसके सीईओ और को-फाउंडर माटी स्टैनिस्जेवस्की (Mati Staniszewski) ने हाल ही में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट (India AI Impact Summit) के दौरान मनीकंट्रोल को इंटरव्यू दिया. उन्होंने बताया कि भारत उनके लिए दूसरा सबसे बड़ा बिजनेस मार्केट है. इस नजरिए से यह बहुत महत्वपूर्ण है. इस इंटरव्यू में वे भारत के स्वदेशी एआई सरवम (Sarvam AI) से थोड़ा घबराए हुए नजर आए. माटी ने सरवम की टीम और फाउंडर्स की खुलकर तारीफ की और उनके मॉडल की वॉयस क्वालिटी को भी ग्रेट कहा. लेकिन साथ ही जोर देकर कहा कि कंप्लीट सॉल्यूशन के लिए सिर्फ बेस्ट मॉडल काफी नहीं, बेस्ट प्रोडक्ट, एंटरप्राइज स्केल, रिलायबिलिटी, वर्कफ्लो और कॉन्फिगरेशन भी चाहिए. उन्होंने बार-बार दोहराया कि इलेवनलैब्स सिर्फ मॉडल नहीं बनाते, बल्कि एंटरप्राइज लेवल पर प्रोडक्शन-रेडी सॉल्यूशन देते हैं.

बता दें कि कंपनी इलेवनलैब्स भारत में बैंगलुरु में ऑफिस खोल रही है. वहां 100 लोगों को हायर करने की प्लानिंग है और 100 मिलियन डॉलर का सालाना रेवेन्यू का टारगेट रखा है. बातचीत में भारत की भाषाओं, सेलिब्रिटी वॉयस, जॉब्स पर AI का असर और भविष्य की प्लानिंग पर चर्चा हुई.

इलेवनलैब्स क्या है और भारत में इसकी क्या रुचि है?
इलेवनलैब्स ग्लोबल वॉयस एआई लीडर है, जिसने हाल में 500 मिलियन डॉलर फंडिंग ली और वैल्यूएशन 11 बिलियन डॉलर हो गई. भारत इसका दूसरा सबसे बड़ा एंटरप्राइज मार्केट है. कंपनी का लक्ष्य यहां 100 मिलियन डॉलर सालाना रिकरिंग रेवेन्यू (ARR) कमाना है. भारत वॉयस-फर्स्ट देश है, जहां लोग स्क्रीन से ज्यादा आवाज से बात करते हैं, इसलिए यहां बड़े मौके हैं.

एआई इम्पैक्ट समिट इलेवनलैब्स के लिए क्या मायने रखता है?
ये समिट कंपनी के लिए बहुत एक्साइटिंग है. हम 2022 में शुरू हुए और ऐसे वॉयस मॉडल बनाए जो इमोशंस और टोन को इंसानों जैसा देते हैं. भारत में हमारे यूज केस बहुत तेजी से बढ़े. यहां हम कस्टमर्स से मिलते हैं, नई इनोवेशन सीखते हैं और दुनिया में ले जाते हैं.

भारत की बड़ी आबादी इलेवनलैब्स को कैसे फायदा देती है?
भारत का स्केल कमाल का है. हम मीशो, आईडीएफसी बैंक, टीवीएस मोटर्स जैसी कंपनियों के साथ काम करते हैं—24×7 बिना वेटिंग के सपोर्ट. हम भारत को कभी बाद में नहीं सोचते. हमारे मॉडल शुरू से ही हिंदी, तमिल अच्छे से सपोर्ट करते हैं और अब 11 भारतीय भाषाएं कवर करते हैं. इलेवनलैब्स के साथ मीशो की पार्टनरशिप में इलेवनलैब्स का रियल-टाइम वॉयस एजेंट इस्तेमाल होता है. यह AI वॉयस बॉट रोजाना 60,000 से ज्यादा कस्टमर कॉल्स (हिंदी और अंग्रेजी) हैंडल करता है. ये कॉल्स ऑर्डर स्टेटस, डिलीवरी में देरी, कैंसिलेशन, रिफंड जैसी क्वेरीज के लिए होते हैं.

इलेवनलैब्स के भारत प्लान क्या हैं? बैंगलुरु ऑफिस के बारे में बताएं.
फंडिंग से हम इंटरनेशनल एक्सपैंशन, एजेंट्स और नए मॉडल बनाएंगे. भारत में ग्राउंड टीम बनाएंगे—सेल्स, इंजीनियरिंग और प्रोडक्ट के लिए. जल्दी 100 लोगों को हायर करेंगे. बैंगलुरु में ऑफिस खुल रहा है. आज भारत दूसरा बड़ा मार्केट है और हम 100 मिलियन ARR का टारगेट रखते हैं.

2025 में 330 मिलियन ARR हुआ. आगे स्केल-अप कैसे होगा?
पिछले 6-9 महीनों में कस्टमर सपोर्ट मजबूत हुआ. कंपनियां व्हाट्सऐप, फोन, वेब सब पर एजेंट्स यूज कर रही हैं. 2025-2026 में बड़े बिजनेस वॉयस एजेंट्स से सपोर्ट ऑटोमेट करेंगे. फिर प्रोएक्टिव एजेंट्स—जैसे मीशो पर वॉयस कंसीयर्ज जो सामान चुनने, चेकआउट में मदद करे. हेल्थकेयर, एजुकेशन में भी बहुत इस्तेमाल होगा.

इलेवनलैब्स वॉयस से आगे क्या लाएगी?
सिर्फ वॉयस काफी नहीं—नॉलेज और इंटीग्रेशंस भी चाहिए. इलेवनएजेंट्स प्लेटफॉर्म बिजनेस को उनके डॉक्यूमेंट्स, लॉजिक डालने देता है. सलेसफोर्स, लोकल टेलीफोनी से कनेक्ट होता है. डेटा सेफ्टी के साथ स्टेप बाय स्टेप टेस्ट, इम्प्रूव और डिप्लॉय करते हैं.

सरवम एआई जैसे लोकल कंपटीटर्स से कैसे मुकाबला करेगी?
सरवम की टीम और फाउंडर्स शानदार हैं, वॉयस क्वालिटी अच्छी है. हम भी 11 भाषाएं सपोर्ट करते हैं. लेकिन कंप्लीट सॉल्यूशन के लिए बेस्ट मॉडल + बेस्ट प्रोडक्ट चाहिए. हम मॉडल बनाते हैं और एंटरप्राइज स्केल के लिए कॉन्फिगरेशन, रिलायबिलिटी, वर्कफ्लो देते हैं. कॉस्ट, क्वालिटी, स्पीड में बैलेंस रखकर हम आगे रहते हैं.

इंडियन सेलिब्रिटी वॉयस पार्टनरशिप पर क्या प्लान है?
हां, कई बातचीत चल रही हैं. बॉलीवुड-टॉलीवुड के आइकॉनिक वॉयस जैसे अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान पर फोकस है. हमारा वॉयस मार्केटप्लेस है जहां सैकड़ों भारतीय वॉयस हैं और हमने कम्युनिटी को 1 मिलियन डॉलर दिए. ये वॉयस किसी भी भाषा में बोल सकती हैं. इस साल कुछ बड़े अनाउंसमेंट्स होंगे.

AI से जॉब्स पर क्या असर पड़ेगा? बीपीओ-आईटी में चिंता है.
हर टेक्नोलॉजी शिफ्ट में जॉब्स बदलते हैं. रिपीटेटिव काम वॉयस एजेंट्स करेंगे, लेकिन लोग कॉम्प्लेक्स टास्क, प्रोएक्टिव हेल्प पर जाएंगे. हम इकोसिस्टम बना रहे हैं जहां लोग शामिल हो सकें. कुछ जॉब्स बदलेंगे, लेकिन नए मौके खुलेंगे और यूजर्स को बेहतर सर्विस मिलेगी.

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