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Sugar and Diabetes Risk: अक्सर कहा जाता है कि ज्यादा मीठा खाने से डायबिटीज का खतरा बढ़ता है. डॉक्टर्स की मानें तो मीठा सीधे तौर पर डायबिटीज की वजह नहीं बनता है, लेकिन अन्य डायबिटीज के अन्य फैक्टर्स को बढ़ा सकता है. अगर आप लिमिट में मीठा खाएंगे, तो डायबिटीज का खतरा नहीं रहेगा. डायबिटीज की असली वजह मोटापा, फैमिली हिस्ट्री और फिजिकल एक्टिविटी की कमी है. हालांकि जिन लोगों को डायबिटीज है, उनके लिए ज्यादा मीठा बेहद खतरनाक होता है.
सिर्फ ज्यादा मीठा खाने से डायबिटीज नहीं होती है.
Hidden Dangers of Sugar: डायबिटीज की बीमारी तेजी से फैल रही है और अब युवा भी इसका शिकार हो रहे हैं. अक्सर कहा जाता है कि ज्यादा मीठा खाएंगे, तो डायबिटीज के मरीज बन जाएंगे. लोगों के मन में यह डर बैठ जाता है कि मीठा खाने से डायबिटीज हो सकती है. डॉक्टर्स की मानें तो सिर्फ मीठा खाने से डायबिटीज का खतरा नहीं बढ़ता है, बल्कि इसके अन्य कई फैक्टर्स होते हैं. अगर आप हेल्दी हैं और रोज सीमित मात्रा में मीठा खाते हैं, तो इससे कोई नुकसान नहीं है. हालांकि जिन लोगों को पहले से डायबिटीज है, उन्हें मीठा नहीं खाना चाहिए. अक्सर लोगों का सवाल होता है कि क्या जो व्यक्ति अभी डायबिटिक नहीं है, अगर वह ज्यादा मीठा खाए तो क्या उसे डायबिटीज हो जाएगी? इस बारे में एंडोक्राइनोलॉजिस्ट से जान लेते हैं.
गुरुग्राम के मारेंगो एशिया हॉस्पिटल के डायबिटीज स्पेशलिस्ट डॉ. पारस अग्रवाल ने News18 को बताया कि अगर किसी व्यक्ति को पहले से डायबिटीज नहीं है, तो ज्यादा मीठा खाने से डायबिटीज हो जाएगी, यह कहना ठीक नहीं है. मीठा सीधे तौर पर डायबिटीज का कारण नहीं बनता है. मीठा खाने से कई अन्य परेशानियां बढ़ती हैं, जो डायबिटीज की वजह बन सकती हैं. हमारे शरीर में पैंक्रियाज इंसुलिन नाम का हार्मोन बनाता है, जो खून में मौजूद ग्लूकोज को कोशिकाओं तक पहुंचाकर एनर्जी में बदलता है. अगर कोई व्यक्ति ज्यादा मीठा खाता है और उसका पैंक्रियाज पर्याप्त इंसुलिन बना लेता है, तो शुगर का स्तर सामान्य रह सकता है. हालांकि ज्यादा मीठा खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे कई अन्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं.
चीनी से कैसे बढ़ता है डायबिटीज का रिस्क?
डॉक्टर अग्रवाल ने बताया कि चीनी शरीर में एक्सट्रा कैलोरी बढ़ाती है और यह कैलोरी खर्च नहीं होती तो शरीर में चर्बी के रूप में जमा होने लगती है. यहीं से असली खतरा शुरू होता है. जब आप बार-बार और बहुत ज्यादा मात्रा में मीठा खाते हैं, तो पैंक्रियाज को लगातार ज्यादा इंसुलिन बनाना पड़ता है. लंबे समय तक ऐसा होने पर शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति कम संवेदनशील हो सकती हैं. इस स्थिति को इंसुलिन रेजिस्टेंस कहा जाता है. इंसुलिन रेजिस्टेंस ही आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज की बड़ी वजह बन सकता है. इसलिए कहा जाता है कि ज्यादा चीनी डायबिटीज का इनडायरेक्टर रिस्क फैक्टर है.
कई बीमारियों की जड़ होती है चीनी
डॉक्टर की मानें तो एक दिन में 20 से 30 ग्राम से ज्यादा शुगर नहीं लेनी चाहिए. ज्यादा चीनी खाने से शरीर में सूजन बढ़ सकती है. यह सूजन हार्ट डिजीज, हाई ब्लड प्रेशर और फैटी लिवर जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ाती है. शुगर प्रोसेस्ड होती है और इसकी ज्यादा कैलोरी मोटापे को बढ़ावा देती है. मोटापा डायबिटीज का सबसे बड़ा रिस्क फैक्टर है. अत्यधिक चीनी का सेवन करने से एंजाइटी और डिप्रेशन का खतरा भी बढ़ सकता है. ऐसे में चीनी का सेवन कम मात्रा में ही करें.
डायबिटीज की असली वजह क्या है?
एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. पारस अग्रवाल ने बताया कि डायबिटीज के कुछ बड़े रिस्क फैक्टर्स होते हैं, जिनमें मोटापा सबसे अहम है. पेट के आसपास चर्बी जमा होने से डायबिटीज का रिस्क बढ़ जाता है. इसके अलावा फिजिकल इनएक्टिविटी यानी कम एक्सरसाइज, परिवार में डायबिटीज की हिस्ट्री, प्रोसेस्ड और हाई कैलोरी फूड का ज्यादा सेवन और बढ़ती उम्र के साथ हार्मोनल बदलाव डायबिटीज की असली वजह हैं. इन फैक्टर्स के कारण शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है और ब्लड शुगर कंट्रोल से बाहर होने लगता है. इन सभी फैक्टर्स को कंट्रोल में रखा जाए, तो डायबिटीज के मरीज बनने से बच सकते हैं.
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अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें