खाली पेट ब्रेड खाना पड़ सकता है भारी! जानिए कैसे बढ़ सकता है वजन और शुगर लेवल

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क्या आप भी सुबह की जल्दी में सिर्फ ब्रेड खाकर दिन की शुरुआत कर लेते हैं? भले ही यह आसान और झटपट तैयार होने वाला नाश्ता हो, लेकिन खाली पेट ब्रेड खाना सेहत पर भारी पड़ सकता है. यह आदत धीरे-धीरे ब्लड शुगर बढ़ाने, वजन बढ़ाने और पाचन से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकती है. इसलिए जरूरी है कि आप जानें, सुबह ब्रेड खाने से शरीर पर क्या असर पड़ता है और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

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आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ब्रेड नाश्ते का सबसे आसान और जल्दी तैयार होने वाला विकल्प बन चुका है. सुबह ऑफिस की जल्दी हो या बच्चों के टिफिन की तैयारी, ब्रेड लगभग हर घर में इस्तेमाल की जाती है. कई लोग इसे हल्का और कम फैट वाला मानकर रोजाना खाते हैं. लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के अनुसार, खाली पेट केवल ब्रेड खाना शरीर के लिए सही विकल्प नहीं माना जाता. खासकर अगर इसे नियमित आदत बना लिया जाए, तो यह धीरे-धीरे कई स्वास्थ्य समस्याओं की वजह बन सकता है.

खाली पेट ब्रेड खाने का सबसे पहला प्रभाव ब्लड शुगर पर पड़ता है. अधिकतर ब्रेड, खासकर सफेद ब्रेड, रिफाइंड आटे से बनती है जिसमें साधारण कार्बोहाइड्रेट अधिक मात्रा में होते हैं. ये कार्बोहाइड्रेट तेजी से पचकर ग्लूकोज में बदल जाते हैं, जिससे रक्त शर्करा का स्तर अचानक बढ़ सकता है. जिन लोगों को डायबिटीज है या जिनमें इसका खतरा है, उनके लिए यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है. शुगर लेवल में बार-बार उतार-चढ़ाव शरीर की ऊर्जा प्रणाली को प्रभावित करता है और लंबे समय में इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या भी बढ़ा सकता है.

पोषण की दृष्टि से भी ब्रेड बहुत संतुलित आहार नहीं है, खासकर जब इसे अकेले खाया जाए. सफेद ब्रेड में फाइबर, विटामिन और जरूरी मिनरल्स की मात्रा बेहद कम होती है. फाइबर की कमी के कारण पाचन क्रिया धीमी हो सकती है, जिससे कब्ज और गैस जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. नियमित रूप से कम फाइबर वाला भोजन लेने से शरीर का मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है और वजन बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है. इसके अलावा, रिफाइंड आटे से बने उत्पादों का अधिक सेवन खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकता है, जो हृदय स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है.

खाली पेट ब्रेड खाने से ऊर्जा का संतुलन भी बिगड़ सकता है. ब्रेड खाने के तुरंत बाद थोड़ी देर के लिए ऊर्जा मिलती है, लेकिन यह टिकाऊ नहीं होती. कुछ ही समय में दोबारा भूख लगने लगती है, जिससे व्यक्ति अधिक कैलोरी लेने लगता है. यह आदत धीरे-धीरे वजन बढ़ाने का कारण बन सकती है. सुबह का नाश्ता ऐसा होना चाहिए जो लंबे समय तक तृप्ति दे और शरीर को स्थिर ऊर्जा प्रदान करे. केवल ब्रेड खाने से यह संतुलन नहीं बन पाता और दिनभर सुस्ती या थकान महसूस हो सकती है.

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Vividha Singh

विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें

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